
रांची : खाकी वर्दी का रौब, प्यार का फरेब और एक शातिर की करतूत… झारखंड की राजधानी रांची में खुद को दारोगा बताकर एक युवती की जिंदगी से खेलने वाला फर्जी दारोगा आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। खुद को कानून का रखवाला बताने वाला अविनाश कुमार उर्फ राज शर्मा जब बिहार के गयाजी शहर में पुलिस के हत्थे चढ़ा, तो उसके सारे मंसूबे धरे के धरे रह गए। रांची पुलिस ने गया पुलिस के साथ मिलकर एक फिल्मी अंदाज में इस शातिर को दबोचा, जो वर्दी की आड़ में गुनाह के जाल बुन रहा था।
जानें क्या है घटना
राजधानी रांची में पुलिस विभाग को शर्मसार करने और एक युवती के भरोसे का गला घोंटने वाला मुख्य आरोपी अब सलाखों के पीछे है। रांची पुलिस ने झारखंड पुलिस का फर्जी दारोगा बनकर एक युवती को अपने जाल में फंसाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बिहार के गयाजी से हुई गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचते हुए रांची पुलिस ने बिहार के गया जिले की मुफस्सिल थाना के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस टीम ने गया के मानपुर इलाके में स्थित एक ठिकानों पर छापेमारी कर मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
फर्जीवाड़े की खुली पोल : ऐसे सामने आया सच
पुलिस की पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी का असली नाम अविनाश कुमार उर्फ राज शर्मा है। वह गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत विष्णु विहार कॉलोनी का रहने वाला है और उसके पिता का नाम मिथिलेश प्रसाद सिंह है। आरोपी ने खुद को झारखंड पुलिस का असली दारोगा बताकर युवती का विश्वास जीता था और फिर अपनी हवस का शिकार बनाया।
रांची लाई गई पुलिस टीम, आगे की कार्रवाई जारी
बिहार के गयाजी शहर से गिरफ्तारी के बाद रांची पुलिस की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर रांची पहुंच चुकी है। स्थानीय पुलिस और महिला सुरक्षा इकाई की देखरेख में इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है, ताकि पीड़िता को न्याय दिलाया जा सके और इस तरह के अन्य फर्जीवाड़े करने वालों पर नकेल कसी जा सके।

