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GST Portal Down : 28 घंटे बंद रहेगा जीएसटी पोर्टल, 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रभावित रहेंगी कई सेवाएं , कारोबारी पहले निपटा लें जरूरी काम

by Rakesh Pandey
GST Portal Down
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धनबाद : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े कामकाज करने वाले कारोबारियों और करदाताओं के लिए जरूरी खबर है। जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी उन्नयन के कारण लगातार 28 घंटे तक कुछ महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इसका असर ई-इनवाइस से जुड़े कामकाज, जीएसटीआर-1 में बिलों के आंकड़ों की स्वचालित प्रविष्टि और इनवाइस डाउनलोड करने की सुविधा पर पड़ेगा। ऐसे में कारोबारियों, कंपनियों और कर सलाहकारों को अपने जरूरी काम निर्धारित समय से पहले पूरे करने होंगे।

जीएसटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पोर्टल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए रखरखाव और उन्नयन का काम किया जाएगा। यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होगी और 1 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इस दौरान कुल 28 घंटे तक संबंधित सेवाएं बाधित रहेंगी।

इस अवधि में करदाता ई-इनवाइस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कार्य नहीं कर सकेंगे। इसका असर उन कारोबारियों पर अधिक पड़ सकता है, जो नियमित रूप से ई-इनवाइस तैयार करते हैं और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का इस्तेमाल करते हैं।

31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक बंद रहेंगी जीएसटी पोर्टल की ये सेवाएं

जीएसटी पोर्टल के तकनीकी उन्नयन के दौरान ई-इनवाइस से संबंधित तीन प्रमुख सुविधाएं प्रभावित रहेंगी। इनमें इनवाइस पंजीकरण पोर्टल से ई-इनवाइस के आंकड़े प्राप्त करना और उनकी प्रक्रिया पूरी करना शामिल है। इसके अलावा जीएसटीआर-1 में ई-इनवाइस के आंकड़ों की स्वचालित प्रविष्टि भी नहीं हो सकेगी।

इसके साथ ही पोर्टल और एपीआई के माध्यम से ई-इनवाइस की जेएसओएन फाइल डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। इन सेवाओं के बाधित होने से बिलों का मिलान करने, आंकड़े जुटाने और रिटर्न तैयार करने के काम में परेशानी आ सकती है।

विशेष रूप से उन कारोबारियों को परेशानी हो सकती है, जिनका बिलिंग और लेखा-जोखा का काम इन सुविधाओं पर निर्भर करता है। टैक्स सलाहकारों और कंपनियों के लेखा विभागों को भी अपने काम की योजना पहले से बनानी होगी।

जीएसटी पोर्टल क्यों रहेगा 28 घंटे तक बंद?

जीएसटी विभाग के अनुसार, पोर्टल के तकनीकी ढांचे को उन्नत करने के लिए निर्धारित समय में रखरखाव का काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य पोर्टल की कार्यप्रणाली और संबंधित सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 31 अक्टूबर की सुबह 9 बजे से तकनीकी काम शुरू होगा। इसके बाद 1 नवंबर को दोपहर 1 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस तरह कुल 28 घंटे तक ई-इनवाइस से जुड़ी निर्धारित सेवाओं का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

जीएसटी प्रशासन ने करदाताओं, कारोबारियों और अन्य संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस अवधि को ध्यान में रखते हुए अपने कामकाज की योजना बनाएं। रखरखाव और तकनीकी उन्नयन का काम पूरा होने के बाद प्रभावित सेवाओं को दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।

जीएसटी पोर्टल बंद रहने से कारोबारियों पर क्या पड़ेगा असर?

जीएसटी पोर्टल का इस्तेमाल देशभर के कारोबारी कई महत्वपूर्ण कर संबंधी कार्यों के लिए करते हैं। इसके माध्यम से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने, कर भुगतान, इनवाइस से जुड़े आंकड़े जमा करने, पंजीकरण और कर वापसी से संबंधित प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं।

हालांकि, प्रस्तावित तकनीकी रखरखाव के दौरान सभी जीएसटी सेवाएं बंद होने की जानकारी नहीं दी गई है। मुख्य रूप से ई-इनवाइस से जुड़ी निर्धारित सुविधाएं प्रभावित रहेंगी। ऐसे में कारोबारियों को यह समझना जरूरी है कि किन कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

ई-इनवाइस के आंकड़े प्राप्त नहीं होने और जीएसटीआर-1 में उनकी स्वचालित प्रविष्टि रुकने से रिटर्न तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जिन कंपनियों के यहां रोजाना बड़ी संख्या में बिल तैयार होते हैं, उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कर सलाहकारों को भी अपने ग्राहकों के बिलों और कर संबंधी आंकड़ों का मिलान करने में देरी हो सकती है।

कारोबारी शनिवार से पहले निपटा लें ई-इनवाइस से जुड़े काम

जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी रखरखाव शुरू होने से पहले कारोबारियों को अपने लंबित कार्य पूरे कर लेने चाहिए। ई-इनवाइस से संबंधित जरूरी आंकड़े पहले ही प्राप्त कर सुरक्षित रख लेना बेहतर होगा। इसके अलावा जीएसटीआर-1 के लिए आवश्यक बिलों और अन्य विवरणों की जांच भी पहले कर लेनी चाहिए।

जिन कारोबारियों को ई-इनवाइस की जेएसओएन फाइल डाउनलोड करनी है, उन्हें निर्धारित समय से पहले यह काम पूरा कर लेना चाहिए। कंपनियों के लेखा विभाग और कर सलाहकार भी अपने लंबित कामों की सूची तैयार कर सकते हैं, ताकि 28 घंटे की अवधि में कामकाज प्रभावित न हो।

जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी उन्नयन पूरा होने के बाद प्रभावित सुविधाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी। इसलिए 31 अक्टूबर की सुबह 9 बजे से 1 नवंबर की दोपहर 1 बजे तक ई-इनवाइस से संबंधित सेवाओं की अनुपलब्धता को ध्यान में रखकर कारोबारी अपने कामकाज की समय-सारणी तय करें।

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