
Jamshedpur : मानगो को कपाली से जोड़ने वाले जाबिर पुल (Mango Jabir Pul) का निर्माण अब शुरू होने वाला है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने इसकी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बना कर सरकार को भेज दी है। यह पुल 57 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा। पुल की लंबाई 11. 8 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर होगी। पुल की डीपीआर ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने एक कंसल्टेंट से तैयार कराई है। विभाग ने जाबिर पुल के निर्माण का प्रस्ताव डीपीआर के साथ प्रशासनिक स्वीकृति के लिए सरकार को भजा है। अब ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल महकमे को ग्रामीण विकास विभाग की प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता ने जाबिर पुल (Mango Jabir Pul) के निर्माण के लिए तैयार डीपीआर की तकनीकी स्वीकृति दे दी है। विभाग ने सितंबर महीने की शुरुआत में ही यह डीपीआर तैयार कराने के बाद ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल विभाग के हेडक्वार्टर रांची भेज दी थी। वहां से विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार ने इसे तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद विभाग ने तकनीकी स्वीकृति के दस्तावेज डीपीआर में लगा कर इसे प्रशासनिक स्वीकृति को भेजा है। प्रशासनिक स्वीकृति के लिए डीपीआर जिला प्रशासन के जरिए ग्रामीण विकास विभाग को भेजा गया है। विभागीय जानकारों ने बताया कि जाबिर पुल की लागत एक करोड़ रुपये से कम है। इसलिए, इसकी तकनीकी स्वीकृति अधीक्षण अभियंता से कराई गई है। जिन पुलों की लागत एक करोड़ रुपये से अधिक होती है, उनकी तकनीकी स्वीकृति विभाग के मुख्य अभियंता से करानी पड़ती है।
जाबिर पुल की डीपीआर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दी गई है। अब वहां से यह स्वीकृति का इंतजार है। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल इस पुल के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर देगा। टेंडर फाइनल होने के बाद एग्रीमेंट होगा और तब इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि जाबिर पुल का टेंडर निकालते समय यह तय कर लिया जाएगा कि ठेकेदार को इसके निर्माण के लिए कितने महीने दिए जाने हैं। उतने ही महीने में इसका निर्माण पूरा करना होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद यह तय होगा कि इसका निर्माण कौन विभाग कराएगा। इस पुल का निर्माण प्रशासन दूसरे महकमे को भी दे सकता है। मगर, इसके चांस कम हैं। 95 प्रतिशत चांस है कि पुल का निर्माण कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को ही दी जाएगी।
20 साल से हो रही पुल निर्माण की मांग
मानगो को कपाली से जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण की मांग 20 साल से की जा रही है। मगर, सांसद या विधायक ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। पिछले पांच साल में पुल निर्माण की मांग जोर पकड़ गई है। इस साल की शुरुआत में मेयर सुधा गुप्ता ने पुल पर रेलिंग लगा दी थी जो पहली बरसात में ही बह गई। इसके बाद डीसी राजीव रंजन ने इस पुल का निर्माण कराने के आदेश ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को दिए।
उफनाते नाले में गिर चुके कई बाइक सवार
जाबिर पुल पर पिछले चार-पांच सालों में कई हादसे हो चुके हैं। अभी पुल सपाट सड़क की तरह बना है। बरसात में जब नाला उफान पर होता है तो बाइक और साइकिल सवार समझ नहीं पाते। दर्जनों बाइक सवार अपनी मोटरसाइकिल समेत नाले में गिर चुके हैं। अब पुल का निर्माण हो जाने के बाद लोगों को समस्या से निजात मिल जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
मानगो का जाबिर पुल बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए डीपीआर तैयार करा ली गई है। तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इसका टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
हमीरा सोरेन, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल
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