
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बरही में गुरुवार को देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। ओडिशा से धार्मिक यात्रा पर निकली श्रद्धालुओं से भरी पर्यटक बस रसोइया धामना टोल प्लाजा के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय बस में करीब 60 यात्री सवार थे। गनीमत रही कि किसी यात्री को गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है और सभी सुरक्षित बच गए।
जानकारी के अनुसार, ओडिशा के श्रद्धालु एक विशेष धार्मिक यात्रा के लिए बस से निकले थे। इस यात्रा में अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, वृंदावन और हरिद्वार समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण शामिल था। श्रद्धालुओं का दल निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान हजारीबाग जिले के बरही क्षेत्र में रसोइया धामना टोल प्लाजा के नजदीक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अचानक हुई इस घटना से बस में बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में डिवाइडर से टकराई बस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस जब बरही के पास से गुजर रही थी, तभी उसके आगे चल रहे एक वाहन ने गलत तरीके से आगे निकलने की कोशिश की। अचानक सामने बने इस हालात को देखते हुए बस चालक ने संभावित टक्कर से बचने के लिए वाहन को बाईं ओर मोड़ दिया। इसी दौरान बस सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर के बाद बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, चालक की ओर से वाहन को संभालने की कोशिश और हादसे के बावजूद यात्रियों को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा। बस में सवार करीब 60 श्रद्धालु सुरक्षित रहे। दुर्घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए यह घटना किसी बड़े हादसे से कम नहीं थी।
हजारीबाग में सड़क हादसे के बाद डिवाइडर की सुरक्षा पर सवाल
दुर्घटना के बाद यात्रियों ने सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रसोइया धामना टोल प्लाजा के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। रात के समय सड़क और डिवाइडर को स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी हो सकती है। यात्रियों का कहना है कि डिवाइडर के आसपास ऐसे संकेतक बोर्ड और चमकदार परावर्तक पट्टियां भी दिखाई नहीं दीं, जिनसे वाहन चालकों को रात में सड़क की स्थिति का आसानी से पता चल सके।
यात्रियों के अनुसार, यदि सड़क पर पर्याप्त प्रकाश और डिवाइडर की पहचान के लिए जरूरी संकेतक मौजूद होते, तो वाहन चालकों को पहले से सतर्क रहने में मदद मिल सकती थी। खासकर रात के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए इस तरह की व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है।
60 श्रद्धालुओं की जान बची, धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ हादसा
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बस को देखकर यात्रियों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिलने से राहत रही। ओडिशा से निकला श्रद्धालुओं का दल अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, वृंदावन और हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा पर था। बरही में हुई दुर्घटना ने इस यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

