
Jamshedpur : पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ का पर्व गुरुवार को जमशेदपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। हाथों में मेहंदी, पारंपरिक परिधान और सोलह श्रृंगार से सजी महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहा। हालांकि, आसमान में छाए बादलों ने चंद्रमा के दर्शन को लेकर उनकी चिंता बढ़ा दी थी।
दिन भर इसी उहापोह में गुजर गया कि अर्नब चक्रवात के असर की वजह से बादलों की ओट में छिपे चांद का दीदार हो पाएगा या नहीं। मगर, बाद में रात 9.28 बजे आसमान में बादलों के सफर के बीच चांद की एक झलक दिख ही गई।
करवा चौथ पर सुबह सरगी ग्रहण करने के साथ व्रत की शुरुआत हुई। इसके बाद महिलाओं ने पूरे दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत रखा। शाम होते ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गईं। महिलाओं ने पूजा की थाली सजाई और करवा माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की।
पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों और आभूषणों से सजी महिलाओं ने इस दिन को खास अंदाज में मनाया। पूजा के बाद सभी की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। बादलों के कारण चांद निकलने में देरी की आशंका ने व्रती महिलाओं की उत्सुकता और बढ़ा दी।
छलनी से चांद और पति का दीदार करने की परंपरा
मान्यता के अनुसार, करवा चौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पूरा होता है। महिलाएं छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं इस खास पल का बेसब्री से इंतजार करती हैं।
प्रेम और विश्वास का प्रतीक है करवा चौथ
महिलाओं के लिए करवा चौथ केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी के प्रति प्रेम और समर्पण व्यक्त करने का अवसर भी है। इस पर्व के जरिए वे सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने और वैवाहिक रिश्ते को मजबूत बनाए रखने की कामना करती हैं।
मौसम की अनिश्चितता के बावजूद महिलाओं की आस्था और उत्साह बरकरार रहा। पूनम वर्मा ने बताया कि सभी को चांद के दीदार का इंतजार था, ताकि पूजा की परंपरा पूरी कर पति के हाथों व्रत का पारण किया जा सके। करवा चौथ का संदेश भी यही है कि प्रेम, विश्वास, सम्मान और आपसी सहयोग से ही वैवाहिक जीवन मजबूत बनता है।

