
धनबाद : जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कतरास थाना क्षेत्र के श्यामडीह मोड़ पर स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में कथित तौर पर भ्रूण की जांच और अवैध गर्भपात के दौरान 22 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की तहकीकात में जुट गई है।
लिंग जांच से लेकर गर्भपात के दलदल तक की कहानी
मृतका की पहचान बोकारो की रहने वाली किरण के रूप में हुई है। मृतका के भाई चंद्रिका कुमार ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद चौकाने वाले हैं। उनका दावा है कि किरण के पति ने कुछ दिन पहले इसी डायग्नोस्टिक सेंटर में गर्भस्थ शिशु की जांच कराई थी। जांच में पता चला था कि गर्भ में बेटी पल रही है। चूंकि किरण को पहले से ही एक बेटी थी, इसलिए दोबारा बेटी होने की बात सामने आते ही गर्भपात कराने का दबाव बनाया जाने लगा।
परिजनों का आरोप है कि इसी सिलसिले में किरण को उसी डायग्नोस्टिक सेंटर में लाया गया, जहां बिना किसी चिकित्सीय मानक और अस्पताल जैसी सुविधाओं के गर्भपात की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा था। इसी दौरान उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल ले जाने का नाटक और तीखे सवाल
जब सेंटर के अंदर महिला की हालत बिगड़ी और उसकी जान चली गई, तब उसे आनन-फानन में पास के एक दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाई का सवाल है कि यदि किरण की मौत उसी डायग्नोस्टिक सेंटर में हो चुकी थी, तो फिर उसे अस्पताल ले जाकर भर्ती कराने का नाटक क्यों किया गया? परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी उचित इलाज न करने का गंभीर आरोप लगाया है और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप संस्कृति पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। सवाल यह है कि जिस केंद्र के पास सर्जरी या गर्भपात कराने की कोई वैध अनुमति ही नहीं थी, वहां यह सब किसकी शह पर चल रहा था? क्या लिंग परीक्षण का यह अवैध खेल लम्बे समय से चल रहा था?
पुलिस की गिरफ्त में संचालक, कई राज खुलना बाकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में पुलिस बारीकी से हर एक पहलू की जांच कर रही है। पुलिस ने डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक को दबोच लिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश में कौन-कौन से नए चेहरे बेनकाब होते हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर समाज में बेटियों के प्रति सोच और अवैध क्लीनिकों के जानलेवा खेल को बेनकाब कर दिया है।
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