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Jharkhand PDS Computerization : पीडीएस के कंप्यूटरीकरण पर 100 करोड़ खर्च की तैयारी, 17.81 करोड़ जारी

24,582 राशन दुकानों की डिजिटल व्यवस्था होगी मजबूत, पुराने ई-पॉस के सर्विस बकाये में जाएंगे 17.79 करोड़, ई-केवाईसी के लिए 50 लाख अतिरिक्त एसएमएस

by Nikhil Kumar
PROJECT BHAWAN
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रांची : झारखंड में राशन वितरण व्यवस्था को डिजिटल बनाने और पीडीएस दुकानों पर ई-पॉस व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सरकार करीब 100 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कंप्यूटरीकरण योजना के लिए स्वीकृत इस राशि में से अब 17 करोड़ 80 लाख 97 हजार 987 रुपये आवंटित किये गये हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा पुरानी 2जी ई-पॉस मशीनों के सर्विस सपोर्ट के बकाये भुगतान पर खर्च होगा। वहीं, राशन कार्ड से जुड़े नये आवेदकों और लाभुकों को ई-केवाईसी की सूचना देने के लिए 50 लाख अतिरिक्त एसएमएस की सुविधा ली जाएगी।
राज्य के स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के अनुसार वर्तमान में 24,582 पीडीएस दुकानें दर्ज हैं। सितंबर 2026 में इन दुकानों के माध्यम से राशन वितरण का ट्रांजेक्शन प्रतिशत 90.89 फीसदी रहा है। यानी अधिकांश दुकानों पर डिजिटल माध्यम से वितरण हो रहा है, लेकिन ई-पॉस मशीन, नेटवर्क और सर्वर से जुड़ी तकनीकी व्यवस्था से कई समस्या हो रही। ऐसे में इसे अपडेट किया जाएगा।

पुरानी ई-पॉस मशीनों के बकाये में 17.79 करोड़

पीडीएस दुकानों में पहले से लगी 2जी ई-पॉस मशीनों का सर्विस सपोर्ट जनवरी 2026 तक अथवा 4जी नेटवर्क आधारित नयी ई-पॉस मशीन लगने तक जारी रखने का फैसला किया गया था। सरकार ने सभी पीडीएस दुकानों में ई-पॉस के माध्यम से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के लिए इस व्यवस्था की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी थी।
अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के सर्विस सपोर्ट का भुगतान लंबित था। कंपनियों के बिल और तकनीकी जांच के बाद 17 करोड़ 79 लाख 65 हजार 827 रुपये का भुगतान किया जाएगा। कुल 17.81 करोड़ के मौजूदा आवंटन में यही सबसे बड़ा खर्च है।

4जी मशीनों की ओर बढ़ रहा विभाग

पुरानी 2जी मशीनों को धीरे-धीरे 4जी नेटवर्क आधारित ई-पॉस मशीनों से बदलने की प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राशन वितरण में ई-पॉस मशीन के जरिये लाभुक का सत्यापन, आधार आधारित प्रमाणीकरण और लेन-देन दर्ज होता है। नेटवर्क या मशीन में तकनीकी दिक्कत आने पर दुकान पर मौजूद लाभुकों को इंतजार करना पड़ता है।

नेटवर्क के साथ सर्वर भी बना चुनौती

डिजिटल व्यवस्था का दायरा बढ़ने के साथ केवल मशीन बदलना ही पर्याप्त नहीं है। नेटवर्क कनेक्टिविटी और केंद्रीय सर्वर की उपलब्धता भी राशन वितरण को प्रभावित करती है। इसका उदाहरण अगस्त 2026 में सामने आया था, जब स्मार्ट पीडीएस के सर्वर माइग्रेशन के कारण 3, 4 और 5 अगस्त को राशन वितरण तथा ई-केवाईसी अपडेट का काम बाधित रहने की विभागीय सूचना जारी की गई थी।

ई-केवाईसी के लिए 50 लाख अतिरिक्त एसएमएस

नए राशन कार्ड आवेदकों और कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने की सूचना देने के लिए अब 50 लाख अतिरिक्त एसएमएस लिये जाएंगे। इसके लिए 1,32,160 रुपये का प्रावधान किया गया है। पीडीएस से जुड़ी योजनाओं में लाभुकों को सूचना देने के लिए विभाग के पास पहले से प्रतिमाह सात करोड़ एसएमएस की सुविधा उपलब्ध है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने सी-डैक से अतिरिक्त एसएमएस लेने के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। एसएमएस की दर 0.02240 रुपये प्रति संदेश बतायी गयी है। राशि जैप-आईटी के पीएल खाते में हस्तांतरित की जाएगी।

100 करोड़ की योजना में खर्च का फोकस व्यवस्था को चालू रखने पर

20 मई 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पीडीएस कंप्यूटरीकरण योजना में 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। अब इसमें से 17.81 करोड़ रुपये अलग-अलग मदों में आवंटित किए गए हैं। इसमें करीब 17.80 करोड़ रुपये तकनीकी व्यवस्था को चालू रखने और पुराने ई-पॉस के सर्विस बकाये पर खर्च होंगे। ऐसे में आने वाले समय में 24,582 पीडीएस दुकानों की डिजिटल व्यवस्था को नयी 4जी ई-पॉस मशीनों, बेहतर नेटवर्क और स्थिर सर्वर व्यवस्था से जोड़ना विभाग के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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