
जमशेदपुर : साकची स्थित गांधी घाट पर शनिवार शाम को जितिया स्नान के दौरान स्वर्णरेखा नदी में डूबी मानगो की 9 वर्षीय किशोरी पूनम का शव रविवार की सुबह बरामद कर लिया गया। शनिवार शाम मां की आंखों के सामने दो सगी बहनें नदी के गहरे पानी में चली गई थीं। घाट पर मौजूद लोगों ने प्रयास कर एक बहन 12 वर्षीय ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन पूनम तेज बहाव में बह गई। रातभर स्थानीय गोताखोरों की ओर से तलाश चलती रही। अंधेरा और नदी की तेज धार के कारण रात में सफलता नहीं मिली। रविवार सुबह दोबारा तलाश शुरू होने के बाद पूनम का शव नदी से निकाला गया।
गांधी घाट पर जितिया स्नान के दौरान हुआ हादसा
मानगो थाना क्षेत्र के समता नगर निवासी संतोष ठाकुर की दोनों बेटियां शनिवार शाम अपनी मां के साथ गांधी घाट पहुंची थीं। परिवार जितिया पर्व के अवसर पर स्नान करने आया था। स्नान के दौरान दोनों बहनें नदी के गहरे हिस्से में चली गईं। इसी दौरान वे तेज बहाव की चपेट में आ गईं और डूबने लगीं।
दोनों बेटियों को नदी में डूबता देखकर मां ने शोर मचाया। उनकी चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद लोग तत्काल मदद के लिए नदी में उतरे। काफी प्रयास के बाद ज्यैति को को नदी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पूनम का पता नहीं चल सका। इसके बाद स्थानीय स्तर पर नदी में उसकी तलाश शुरू की गई।
रातभर चली बच्ची की तलाश
पूनम के नदी में लापता होने के बाद स्थानीय गोताखोरों ने तलाश अभियान शुरू किया। अंधेरा होने के कारण नदी में खोज अभियान चलाना मुश्किल हो गया था। इसके साथ ही स्वर्णरेखा नदी का तेज बहाव भी राहत और तलाश अभियान में बाधा बना रहा।
रात में कई घंटे तक नदी के आसपास और संभावित स्थानों पर तलाश की गई। स्थानीय गोताखोर लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका। रविवार सुबह रोशनी होने के बाद एक बार फिर तलाश अभियान शुरू किया गया। इसके बाद नदी से पूनम का शव बरामद किया गया।
शव मिलते ही परिवार में मचा कोहराम
रविवार सुबह बच्ची का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग गांधी घाट पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता भी गांधी घाट पहुंचे और घटना की जानकारी ली। शनिवार रात विधायक सरयू राय भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह ने एमजीएम अस्पताल पहुंचकर पूनम के परिजनों से हादसे की जानकारी ली। नदी में डूबने के बाद बचाई गई ज्योति का एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है।
राहत अभियान में देरी को लेकर सड़क पर उतरे लोग
पूनम के नदी में लापता होने के बाद राहत और तलाश अभियान को लेकर स्वजन तथा स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। एनडीआरएफ और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद नहीं मिलने को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई। शनिवार रात करीब 9 बजे लोगों ने गांधी घाट के पास सड़क जाम कर दी।
जाम में महिलाएं भी सड़क पर बैठ गईं। सड़क पर लोगों के जमा होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने के बाद साकची, सीतारामडेरा और मानगो थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन राहत अभियान तेज करने की मांग को लेकर लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस और लोगों के बीच हुई तनातनी
सड़क जाम को हटाने को लेकर पुलिस और लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को हटाया। इसके बाद मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई बल को भी मौके पर तैनात किया गया।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सड़क पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। इस दौरान लोगों की मांग थी कि नदी में लापता बच्ची की तलाश के लिए अभियान को और तेज किया जाए तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद ली जाए।
तेज बहाव और अंधेरा बना तलाश में बाधा
स्वर्णरेखा नदी में शनिवार रात तलाश अभियान के दौरान अंधेरा और तेज बहाव बड़ी चुनौती बना रहा। नदी में पानी के बहाव के कारण गोताखोरों को संभावित स्थानों पर तलाश करने में परेशानी हुई। स्थानीय गोताखोरों ने देर रात तक अभियान जारी रखा, लेकिन सफलता नहीं मिली।

