Home » MGM Medical College Jamshedpur : एमजीएम में रैगिंग से मचा हड़कंप, जांच करने पहुंची टीम, सीनियर छात्रों पर बड़ी कार्रवाई संभव

MGM Medical College Jamshedpur : एमजीएम में रैगिंग से मचा हड़कंप, जांच करने पहुंची टीम, सीनियर छात्रों पर बड़ी कार्रवाई संभव

by Rakesh Pandey
MGM Medical College Jamshedpur Starts Drive Against Illegal Hostel Occupation
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जमशेदपुर : डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के नए एमबीबीएस छात्रों के साथ गत शनिवार को रैगिंग और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को पूरे दिन कॉलेज में बैठकों और पूछताछ का दौर चला। शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा जांच के लिए एमजीएम पहुंचे और करीब तीन घंटे तक अधिकारियों व छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली।

नए छात्रों से लेकर सीनियरों तक से पूछताछ

शनिवार सुबह प्राचार्य कक्ष में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसमें 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई। इसके बाद संबंधित प्रीफेक्ट और 2024 व 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी पूछताछ की गई।
कॉलेज प्रशासन ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए छात्रावास में लगे CCTV कैमरों के फुटेज की भी जांच शुरू कर दी है। छात्रों के बयान और CCTV फुटेज के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

एसडीएम ने अलग-अलग की पूछताछ

शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य, अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद नए बैच के छात्रों और आरोपित सीनियर छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की गई।
एसडीएम ने कहा कि मामले की प्राथमिक जांच जारी है। 2026 बैच के विद्यार्थियों के साथ-साथ 2024 और 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी जानकारी ली गई है। छात्रावास का निरीक्षण करने के साथ CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।

रैगिंग या दुर्व्यवहार, जांच के बाद होगा साफ

एसडीएम के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला सीधे तौर पर रैगिंग के बजाय छात्रों के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
कॉलेज की निर्धारित गाइडलाइन और मानदंडों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डिबार से हॉस्टल निष्कासन तक कार्रवाई संभव

जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित सीनियर छात्रों के खिलाफ परीक्षा से डिबार करने, छात्रावास से निष्कासित करने और जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, करीब एक दर्जन सीनियर छात्रों पर जुर्माना लगाने और उनके अभिभावकों को कॉलेज बुलाने पर भी विचार किया जा रहा है।
हालांकि, इन छात्रों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि के बाद ही तय की जाएगी।

रात डेढ़ बजे हुआ था पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पीजी पुरुष छात्रावास में रहने वाले 2026 बैच के एमबीबीएस छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा कथित तौर पर रैगिंग और दुर्व्यवहार किया गया था।
घटना के बाद नए बैच के कई छात्र छात्रावास से बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ रैगिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज भी की गई।
इसके बाद छात्रावास के कुछ कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू की, जो शनिवार को भी जारी रही।

हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था भी होगी मजबूत

प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जांच के दौरान छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।
बैठक और जांच के दौरान एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक डॉ. बलराम झा, डॉ. उमाशंकर, डॉ. विश्वास, होमगार्ड कमांडेंट हरिहर सिंह मुंडा और एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।‌अब जांच रिपोर्ट पर नजर है। छात्रों के बयान और CCTV फुटेज के आधार पर ही यह तय होगा कि घटना रैगिंग की श्रेणी में आती है या दुर्व्यवहार तक सीमित है। इसके बाद ही संबंधित सीनियर छात्रों पर कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।

Read Also- ​Hazaribagh SP Office Scam: 10 साल तक पुलिस विभाग को चूना लगाता रहा सिपाही शंभू, 28 करोड़ के घोटाले में CID का बड़ा खुलासा

Related Articles

Leave a Comment