

गोड्डा : बसंतराय के मौलाना अबुल कलाम आजाद महाविद्यालय के प्राचार्य डा नजीरुद्दीन का शव शुक्रवार की सुबह महागामा थाना के दियाजोरी के पास से बरामद किया गया है। बीते गुरुवार की देर शाम आठ बजे प्राचार्य का अपहरण कर लिया गया था। मामले को लेकर पुलिस ने अपहरण में उपयोग में लाई गई काले रंग की वेन्यू कार सहित प्राचार्य को मौत के घाट उतारने में संलिप्त मो शाकिर उर्फ चुन्ना सहित तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राचार्य के चालक अमन पासवान को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं एक अन्य आरोपित कपिलदेव दास और मो मंसूर को भी गिरफ्तार किया गया है। एसपी नाथू सिंह मीना ने इसकी पुष्टि की है।

प्राचार्य हत्याकांड में सूचक फातमा खातून जो प्राचार्य की पत्नी है, ने अपहरण के बाद ही हत्या की आशंका जताते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शव मिलने के बाद बसंतराय थाना में नौ लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें कालेज के पूर्व प्राचार्य रुस्तम अली सहित उनके कई स्वजन शामिल है। मुख्य आरोपित मो शाकिर उर्फ चुन्ना पूर्व प्राचार्य का ही पुत्र है। वह भी कालेज में व्याख्याता के पद पर था लेकिन वित्तीय अनियमितता के बाद उसे हटा दिया गया था। बसंतराय के मौलाना अबुल कलाम आजाद इंटर कालेज में पूर्व प्राचार्य मो रुस्तम अली और वर्तमान प्राचार्य डा नजीरुद्दीन के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। प्राचार्य नजीरुद्दीन की हत्या को उसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हत्यारोपित मो शाकिर उर्फ चुन्ना ने पुलिस के समक्ष कबूल भी कर लिया है कि कालेज विवाद में ही उन्होंने अपने चाचा सह प्राचार्य डा नजीरुद्दीन की हत्या की है।

बता दें कि गुरुवार को प्राचार्य डा नजीररूद्दीर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने चालक अमन पासवान के साथ प्रयोगशाला की सामग्री खरीदने भागलपुर गए थे। देर शाम लौटने के क्रम में कोरियाना चेकपोस्ट के निकट गेरुवा नदी पुल में पहले से ही घाट लगाए बैठे नकाबपोश पांच अपराधियों ने हथियारों के बल पर प्राचार्य को अगवा कर लिया था। प्राचार्य के अपहरण की सूचना के बाद गोड्डा पुलिस की ओर से झारखंड बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में पूरी रात छापेमारी की गई वहीं अल सुबह महागामा के दियाजोरी के पास प्राचार्य का शव बरामद किया गया। अपराधियों ने प्राचार्य को गोली मारकर हत्या की है और शव को सड़क किनारे झाड़ियो में फेंक दिया। सुबह ग्रामीणों ने शव देख कर हल्ला किया और फिर प्राचार्य के शव की पहचान की गई।
शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम करवाकर स्वजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम कराने भी प्राचार्य के गांव परसिया से सैकड़ों लोग सदर अस्पताल पहुंच गए है। वहीं एसडीपीओ आनंद मोहन सिंह ने बताया कि कालेज के विवाद में ही प्राचार्य को मौत के घाट उतारा गया। प्राथमिकी दर्ज कर चार आरोपितों को अब तक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं अपहरण में उपयोग की गई कार को भी बरामद कर लिया गया है।

