

जामताड़ा : जामताड़ा उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार दोपहर छापेमारी के दौरान एक करोड़ से भी ज्यादा कीमत की जामताड़ा मेड नकली शराब जब्त की है। उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि जामताड़ा शहर से सटे सुपायडीह गांव स्थित एक ब्रिक्स व टाइल्स बनाने की फैक्ट्री में नकली शराब बनाई जा रही है। यह फैक्ट्री इसी गांव के रहने वाले मनोज मंडल की है और चंदू मंडल इस शराब बनाने के धंधे में उसका पार्टनर बताया जा रहा है। इस दौरान मौके से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।
जामताड़ा उत्पाद अधीक्षक महेंद्र देव सिंह ने बताया कि ये धंधेबाज काफी लंबे समय से यहां शराब बनाने का धंधा कर रहे थे। यह तैयार नकली शराब की खेप ट्रकों में लोड कर बिहार भेजे जाते थे। मौके से सैंकड़ों कार्टन में सील बंद नकली शराब जब्त की गई है। जिन्हें बारी-बारी कर पांच छोटे ट्रकों में लोड कर उत्पाद विभाग ने सील कर अपने गोदाम में रखवाया।

स्प्रिट से तैयार की जी रही थी यह शराब
छापेमारी टीम को मौके से 5000 लीटर से भी ज्यादा स्प्रिट मिली है। जिन्हें बड़े-बड़े ड्रमों में सील कर गोदाम में छिपाकर रखा गया था। जबकि हजारों कार्टन, बोतल, अलग-अलग ब्रांड के ढक्कन और शराब बनाने वाले उपकरण भी मौके से मिले हैं। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि यहां बनाई जा रही शराब बेहद खतरनाक है और ऐसी शराब पीने वालों की जान भी जा सकती है।

बयान….
जब्त शराब की कीमत तकरीबन एक करोड़ से भी ज्यादा होगी। फैक्ट्री के मालिक मनोज मंडल और चंदू मंडल के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। दोनों ही आरोपित अभी फरार हैं। मौके से मौजूद स्प्रिट व शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाले सामानों को देखकर अनुमान है कि ये काफी समय से और भारी मात्रा में शराब की धंधेबाजी कर रहे थे।
महेंद्र देव सिंह, उत्पाद अधीक्षक, जामताड़ा

