

राउरकेला : इस्पात ऑटोनॉमस कॉलेज के फिजिक्स के सीनियर लेक्चरर प्रसन्ना भोई को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां कुछ पुराने छात्र श्री भोई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ पुराने छात्र उनके पक्ष में उतर आए हैं। अब पुराने छात्रों के दो गुटों में भिड़ंत हो गई है। विडंबना यह है कि प्रोफेसर श्री भोई इस मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं। उन पर अवैध रूप से निजी ट्यूशन देने और कॉलेज के धन की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। अब विरोधी गुटों ने फिर से बैठक कर ठोस कार्रवाई की मांग की है।

दरअसल, विवाद की शुरुआत 28 मई को हुई थी। उसी दिन पूर्व छात्र राघवेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में कुछ पुराने छात्रों ने भुवनेश्वर में उच्च शिक्षा मंत्री के आवास के सामने उक्त मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उनका आरोप है कि श्री भोई ने सर्टिफिकेट के साथ धोखाधड़ी कर फैकल्टी में प्रवेश लिया था। रघुनाथपल्ली विधायक के खास माने जाने वाले भोई को हाल ही में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा होम ट्यूशन करते हुए कैमरे में कैद किया गया था।

इसके अलावा उनके खिलाफ कॉलेज के विभिन्न विकास कार्यों में राशि के गबन के आरोप में जांच चल रही थी। कुछ पुराने छात्रों ने आरोप लगाया कि वे ट्यूशन के लिए छात्रों को परेशान करते है। इन आरोपों के 10 दिन बाद संस्थान के पुराने छात्र संघ कार्यकर्ताओं ने संबंधित फैकल्टी के पक्ष में दलील दी। उनका कहना था कि भोई के खिलाफ जानबूझकर झूठे आरोप लगाए गए हैं। जबकि शिकायत करने वाले पूर्व छात्रों का कहना है कि ठाकुर छात्रों को कॉलेज में प्रवेश दिलाने, परीक्षा में पास कराने और अधिक अंक दिलाने के नाम पर उनसे पैसे वसूल करता था।

