

सरायकेला खरसावां: झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन अपनी कोल्हान यात्रा के तीसरे चरण में सरायकेला खरसावां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पौष्टिक भोजन अनिवार्य शर्त है। इस दिशा में पहल करते हुए वह कक्षा 9 से ऊपर के बच्चों को एक अंडा और दूध उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार से बात करेंगे।

बच्चों को संतुलित आहार मिलने से ही तभी बच्चों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करनी चाहिए। पढ़ाई के समय पढ़ाई और खेल के समय खेल। मनोरंजन के समय मनोरंजन। इन सभी में संतुलन से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिले में नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को बधाई दी। कहा कि इस दिशा में स्थानीय प्रशासन ने अच्छा काम किया है।

इससे युवाओं को बेहतर माहौल मिला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बच्चे खुशनसीब हैं,जो इतनी कम उम्र से कंप्यूटर पर पढ़ाई कर रहे हैं। अपना निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक सरकारी स्कूल में पढ़ा हूं,मेरा विद्यालय ऐसा हुआ करता था इसमें खिड़की दरवाजे तक टूटे हुए थे। बारिश के मौसम में किताबें तक भींग जाती थीं।

राज्यपाल ने अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद राज्यपाल ने पौधारोपण किया। बच्चों के बीच खेल सामग्री वितरण का वितरण किया। चॉकलेट भी बांटे। कार्यक्रम में सरायकेला खरसावां के उपायुक्त अरवा राजकमल मौजूद थे। राज्यपाल ने इससे पहले रविवार को चाईबासा का दौरा किया था। बंद खदानों में हो रहे मछली पालन का जायजा लिया था।
बोले राज्यपाल, झारखंड में विकास ने पकड़ी रफ्तार
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड में विकास की गति ने रफ्तार पकड़ ली है। तेजी से झारखंड का विकास हो रहा है। आने वाले पांच वर्षों में विकास के क्षेत्र में एक या दूसरे नंबर पर झारखंड का नाम आएगा। कुमार विजय प्रताप सिंहदेव राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य से जल्द ही नक्सल गतिविधियां समाप्त हो जाएगी। स्कूलों में लगातार सुधार हो रहे हैं। यहां आदिवासी समुदाय के बच्चे ज्यादा हैं। बच्चों में काफी जोश भरा हुआ है। बच्चे मेहनत से पढ़ेंगे तो समाज को इसका लाभ मिलेगा। अगर बच्चे किसी चीज को नहीं जानते हैं तो उसे स्वीकार करें और उस चीज को सीखने की कोशिश भी करें।
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन सरायकेला स्थित संजय ग्राम स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में स्कूली छात्र छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। मौके पर स्थानीय लोगों के जन समस्याओं से भी राज्यपाल अवगत हुए।
वहीं राज्यपाल ईटाकुदर पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में जनता -संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान ईटाकुदर पंचायत अंतर्गत काशीडीह टोला में भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने राज्यपाल को समस्या से अवगत कराया। जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीण प्रीति कुमारी गोप ने कहा कि टोला में ब्रिटिश काल के बने कुआं से आज भी ग्रामीण पेयजल के लिए निर्भर हैं।
गर्मी के इस मौसम में कुआं सूख जाने के चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने महामहिम से गुहार लगाई कि गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था करते हुए तालाब आदि का भी निर्माण कराया जाए। राज्यपाल ने कहा कि उनके उनके गांव तमिलनाडु स्थित चंद्रवादी गांव में पांच लोगों की आबादी थी।
वहीं भी सड़क, पानी व अन्य समस्याएं थी। उनके गांव में डेढ़ से दो किलोमीटर तक सड़क ही नहीं थी। उक्त गांव का विकास 50 वर्ष में हुआ है। अब वह गांव शहर जैसा बन गया है। आपके भी गांव में पानी की समस्या व अन्य समस्याओं को जल्द ही सुधार होगा।
यहां आयोजित कार्यक्रम में परिसंपत्तियों का भी वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं सर्वजन पेंशन योजना के नए लाभुकों को स्वीकृति पत्र वितरण किए। मौके पर राजपाल ने महिलाओं का मानदेय 2000 से 8000 करने की मांग को सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
