साहिबगंज: शिक्षकों से उम्मीद की जाती है कि बड़े होते नौनिहालों को नैतिकता का पाठ पढ़ाएंगे, देश का भविष्य गढ़नेवाले एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करेंगे, शिक्षा के मंदिर में आनेवाले बच्चे संस्कारवान और चरित्रवान बनेंगे। अगर किसी स्कूल में शिक्षक पर छात्राओं के साथ गलत हरकत का आरोप लगे तो मामला उल्टा पड़ जाता है। फिर तो सीख और सबक उन्हें ही मिलनी चाहिए जिनके लिए यह जरूरी है। छात्राओं के अभिभावकों ने लात-घूंसे से ऐसा सबक सिखाया कि जनाब अस्पताल पहुंच गए। यह मामला किसी निजी शिक्षण संस्थान का नहीं बल्कि सरकारी स्कूल का है।
कमरे में बुलाकर छेड़खानी करने का लगा है आरोप
ये शिक्षाविद हैं मोहम्मद शमशाद अली। साहिबगंज जिले के पंचकठिया में उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षक हैं। लोग बताते हैं कि प्रधानाध्यापक पद की जिम्मेदारी भी यही निभा रहे हैं। इनपर आरोप यह लगा है कि किसी न किसी बहाने से अपने स्कूल की छात्राओं को अपने कमरे में बुलाते थे। छात्राओं के साथ छेड़खानी करते थे। यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा था। परेशान होकर छात्राओं ने इन महोदय की करतूत को अपने घरवालों को बता दिया। फिर वही हुआ जो होना चाहिए था।

पिटाई से हुए घायल, थाना प्रभारी ने पहुंचाया अस्पताल
स्कूल की छात्राओं के माध्यम से अभिभावकों तक बात पहुंची तो आक्रोश की चिंगारी सुलग उठी। छेड़खानी के आरोप में उत्क्रमित उच्च विद्यालय पंचकठिया के प्रधानाध्यापक मोहम्मद शमशाद अली की शनिवार को अभिभावकों ने जमकर पिटाई कर दी। उनकी इतनी पिटाई की गई कि वे बुरी तरह घायल हो गए। बात थाने तक पहुंच गई। मामले की जानकारी मिलने पर बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार विद्यालय पहुंचे। घायल शमशाद अली को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया। विगत कई दिन से यह मामला चल रहा था। छात्राओं का कहना है कि प्रधानाध्यापक किसी न किसी बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और उसने साथ छेड़खानी करते थे।
एक दर्जन से अधिक छात्राओं ने की थी शिकायत
इस स्कूल में पढ़नेवाली एक दर्जन से अधिक छात्राओं ने प्रधानाध्यापक द्वारा छेड़खानी की शिकायत अपने अभिभावकों से की थी। इसके बाद सभी अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक को सबक सिखाने का निर्णय लिया। इसके लिए सभी ने मिलकर बाकायदा योजना बना डाली। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शनिवार की सुबह से ही विद्यालय में पढ़नेवाली छात्राओं के अभिभावक एवं महिलाओं की जुटान स्कूल में होने लगी। स्कूल में जुटे महिला-पुरुषों ने प्रधानाध्यापक से पूछताछ करनी शुरू कर दी। अभिभावकों का कहना है कि प्रधानाध्यापक ने महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया तथा छेड़खानी की बात से साफ इन्कार कर दिया। इसी क्रम में बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई। इसके बाद अभिभावकों ने शिक्षक की जमकर पिटाई कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर आसपास के सैकड़ों ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। थाना प्रभारी ने घायल शिक्षक मोहम्मद शमशाद अली को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए पहुंचाया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
जानकारी मिलने पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) मोहम्मद अहमद हुसैन भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि शिक्षक की पिटाई की गई है। पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है। हालांकि मोहम्मद शमशाद अली ने इस तरह की घटना से इंकार किया है।

