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झारखंड में कांग्रेस विधायक दल की बैठक : जानें मॉनसून सत्र को लेकर क्या है पार्टी की रणनीति

by Rakesh Pandey
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स्टेट डेस्क/ रांची : झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। सत्र शुरू होने से पूर्व 27 जुलाई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। रांची के डोरंडा स्थित विधायक दल के नेता आमलमगीर आलम के आवास पर आयोजित विधायक दल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख के अलावा पार्टी के सभी विधायक उपस्थित थे।

इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने सत्र को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। बैठक में तीन अहम मुद्दों पर चर्चा की गयी। इसमें मुख्य रूप से खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक महत्वपूर्ण रहे। मणिपुर की घटना को लेकर भी विधानसभा में भाजपा को घेरने की रणनीति बनी।

ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने में भाजपा अटका रही है रोड़ा : ठाकुर

विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य की जनता से किये एक-एक वायदे को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है। चुनाव से पूर्व जो-जो वायदे किये गये थे, उसमें अधिकांश को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सरकार ने खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक को सदन से पारित कराकर राजभवन भेजा गया था।

इन विधेयकों को लेकर तत्कालीन राज्यपाल के स्तर से कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए उसे वापस कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार की मंशा साफ है। हम जनता के हित में लिए गए फैसलों से पीछे नहीं हटने वाले हैं।

बोले,भाजपा का आदिवासी प्रेम दिखावा

प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि हमारी मंशा साफ है कि राज्य की जनता को सुरक्षा मिले। ओबीसी आरक्षण एवं ऐसी नीति हो, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिले। प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मॉनसून सत्र में कांग्रेस मणिपुर की घटना को लेकर जोरदार विरोध करेगी। कहा कि मणिपुर जल रहा है। 85 दिनों से हिंसा जारी है। महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने के साथ ही भीड़ द्वारा बलात्कार कर हत्या कर दी जा रही है और केंद्र सरकार चुप है।

कहा कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश में भाजपा नेता द्वारा आदिवासी युवक के ऊपर पेशाब कर दिया गया, पूरी घटना को देश ने देखा लेकिन झारखंड के एक आदिवासी नेता ने उस घटना पर एक शब्द नहीं कहा। ऐसा लग रहा है मानो मौन व्रत रखा हो। इतना ही नहीं दिल्ली में ही देश की महिला पहलवान ने भाजपा सांसद पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, लेकिन भाजपा नेता चुप हैं। उलटे सांसद के बचाव में खड़े रह। यह सभी घटनाएं भाजपा की महिला व आदिवासी विरोधी मानसिकता को प्रदर्शित करती हैं। इस मुद्दे पर सदन में भाजपा को घेरा जायेगा।

राजेश ठाकुर ने कहा कि आदिवासियों के ऊपर भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता के द्वारा अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस पार्टी का एक-एक नेता एवं कार्यकर्ता आदिवासियों की सुरक्षा व उनके सहयोग के लिए खड़ा रहेगा।

फिर से पास करायेंगे ये विधेयक : आलम

विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि मॉनसून सत्र में एक बार फिर से खतियान आधारित स्थानीय नीति, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण, मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक को पास करवा कर उसे राजभवन भेजा जायेगा,ताकि राज्य में खुशहाली हो। उन्होंने कहा कि ये इस प्रकार के मुद्दे हैं जिससे राज्य के लोगों का भावनात्मक लगाव है। कहा कि ओबीसी आरक्षण के लिए कांग्रेस पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक अपनी बातों को पुरजोर तरीके से रखा है। मॉब लिंचिंग झारखंड हो या देश के किसी भी कोने में नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि सरकार इस मुद्दे पर भी गंभीर है।

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