चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत बड़ानन्दा पंचायत के साननंदा में ग्राम दिऊरी नाजिर लागुरी की अध्यक्षता में माघे पर्व मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित करने को लेकर रविवार को गांव के ग्रामीणों के बीच ग्रामसभा बैठक हुई। बैठक में आपसी सहमति और विचार-विमर्श के बाद इस वर्ष माघे पर्व 4 फरवरी को मनाने का निर्णय लिया गया। दिउरी नाजिर लागुरी ने पर्व की तिथि और उससे जुड़ी पूजा-विधि की जानकारी दी। साथ ही माघे पर्व पूजा समिति का गठन किया गया। समिति का अध्यक्ष राजाराम लागुरी को बनाया गया। जबकि सचिव मंगल सिंह लागुरी, कोषाध्यक्ष कैरा कायम बने हैं।

उन्होंने बताया कि माघे पर्व से पहले विभिन्न पारंपरिक अनुष्ठान क्रमबद्ध रूप से संपन्न होंगे। इसके तहत 4 फरवरी को ओते ईली, 5 फरवरी को गुरि: पोरोब, 06 फरवरी को मारङ पोरोब,7 फरवरी को बासी पर्व और 8 फरवरी को हरमगेया मनाया जाएगा। मुख्य दिउरी ने ग्रामीणों से अपील की कि माघे पर्व को पूरी शुद्धता, अनुशासन और परंपरा के अनुरूप मनाया जाए। उन्होंने कहा कि पूजा स्थल पर दिउरियों की उपस्थिति में ही पारंपरिक माघे उच्चारण सभ्य और मर्यादित तरीके से किया जाए। साथ ही पर्व के दौरान पारंपरिक वाद्य-यंत्रों के माध्यम से उल्लासपूर्वक उत्सव मनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को पर्व की परंपराओं और विधि-विधान से जोड़ने के लिए उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझें और आगे बढ़ाएं। ग्रामीणों ने एकजुट होकर माघे पर्व को सफल और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प लिया। बैठक में मुख्यरुप से लक्ष्मीनारायण लागुरी,बंसत कुमार लागुरी,राजू लागुरी,शिवशंकर लागुरी,मानाराम लागुरी,गंगाधर गगाराई,रामेश हेम्र्बम,भोनू गोप,तोंगो सुरेन,बढ़कुवर लागुरी,राम किशन लागुरी,रासिका लागुरी,जमादार हेम्र्बम,मनोज बोबोंगा,जगदीश लागुरी,नजिर गगाराई,जयप्रकाश लागुरी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

