पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता राबड़ी देवी के बीच बिहार विधान परिषद में एक तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहां एक तरफ अपने पुराने योगदान का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने ही लालू प्रसाद को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था, वहीं, राबड़ी देवी ने इस पर करारा जवाब देते हुए उनकी इस बात को पलट दिया। राबड़ी देवी ने यह तंज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार आए हैं, तो ही देश और बिहार बना है, अन्यथा पहले कुछ नहीं था।
अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जुबानी जंग
दरअसल, बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए यह दावा किया कि उन्होंने ही लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने में मदद की थी। उनका कहना था कि लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने वाले वही थे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद, राबड़ी देवी ने सीधे तौर पर पलटवार किया और कहा कि नीतीश कुमार के आने से पहले बिहार और देश में कुछ भी नहीं था। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ही आए हैं तो बिहार और देश का निर्माण हुआ है, पहले यहां कुछ नहीं था।
बोलीं राबड़ी- सबकुछ नीतीश कुमार की वजह से
राबड़ी देवी ने तंज करते हुए कहा कि नीतीश जी ने ही सबको बनाया है, बिहार में जो कुछ हुआ वह तो उनके आने के बाद ही हुआ। पहले बिहार में क्या था, अब सब कुछ नीतीश कुमार की वजह से हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि नीतीश कुमार को देश और राज्य के निर्माण का श्रेय देना है, तो वही उनका अधिकार है, क्योंकि सभी परिवर्तन उनके आने के बाद ही संभव हुए हैं।
तेजस्वी का कटाक्ष- ‘नीतीश के सीएम बनने के बाद सृष्टि की उत्पत्ति’
राबड़ी देवी से पहले, तेजस्वी यादव ने भी नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा था कि 2005 से पहले बिहार में कुछ नहीं था। तेजस्वी ने तो इसे और बढ़ाते हुए कहा था कि 2005 से पहले न तो चांद था, न तारे थे, और न ही सूरज था। तेजस्वी का कहना था कि 2005 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सृष्टि की उत्पत्ति हुई, और तब से बिहार में विकास का दौर शुरू हुआ।
नीतीश के पुराने विरोधी, अब सहयोगी
यह बयान भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में पिछले कुछ सालों से सत्ता में साझेदारी का अनुभव हो चुका है, जहां नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की पार्टियाँ एक साथ सरकार चला रही हैं। ऐसे में इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति ने विपक्ष और सत्ताधारी दोनों दलों के रिश्तों को और जटिल कर दिया है। नीतीश कुमार के अपने दावे और तेजस्वी यादव के आलोचनात्मक बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बिहार की राजनीति में जो हलचल अब देखने को मिल रही है, वह आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर और भी तेज हो सकती है।
सीएम नीतीश और विपक्ष का मतभेद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेताओं के बीच इस प्रकार की खींचतान इस बात को प्रमाणित करती है कि बिहार में अब भी सत्ता के लिए तीव्र राजनीतिक संघर्ष जारी है। जहां नीतीश कुमार अपने कामकाज और बिहार के विकास को लेकर उत्साहित हैं, वहीं विपक्षी दलों ने उनकी सरकार की आलोचना की है और इसे बेमानी करार दिया है।

