Jamshedpur : पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते भारत में एलपीजी संकट की आशंका है। गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग बाधित है। इस वजह से लोग अब किचन चलाने के लिए प्लान-बी के बारे में सोचने लगे हैं। प्लान-बी है इंडक्शन स्टोव। ईरान के साथ अमेरिका व इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से अब झारखंड में भी इंडक्शन स्टोव की मांग आसमान पर पहुंच गई। लोग इंडक्शन खरीद कर घर ला रहे हैं ताकि अगर, खुदानख्वास्ता एलपीजी सिलेंडर नहीं मिले तो इंडक्शन से किचन का काम चल जाए। यही नहीं, इंडक्शन खरीदने से पहले लोग गूगल पर यह भी देख रहे हैं कि कौन सा इंडक्शन कैसा है। किस कंपनी का इंडक्शन खरीदा जाए। इस वजह से गूगल पर इंडक्शन ट्रेंड करने लगा है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जब से युद्ध की आग भड़की है, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यहां से तेल और गैस लदे टैंकर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। सभी टैंकर फारस की खाड़ी में फंस गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से देश में एलपीजी संकट की आहट की आशंका की वजह से गैस सिलेंडर की डिमांड बढ़ गई है। जिनके पास अभी गैस सिलेंडर है, भी वह चाहते हैं कि उनका खाली गैस सिलेंडर जल्द भर जाए। पता नहीं आगे क्या हालात हों। कुछ दिन तक तो उनका काम चल जाएगा। इस वजह से लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग करनी शुरू की। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन बुकिंग में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस वजह से लोग और डर गए कि शायद एलपीजी का संकट गहरा रहा है। इसके बाद लोग एजेंसी पहुंचने लगे और वहां भीड़ जुटने लगी। इसी के चलते लोग अपना किचन चलाने के लिए प्लान-बी की बात सोचने लगे हैं। इसी के बाद से अब इंडक्शन की मांग आमसान छू रही है।
ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी इंडक्शन पर ऑफर बंद
लोग ऑनलाइन प्लेटफार्म पर इंडक्शन की तलाश कर रहे हैं। इंडक्शन स्टोव की ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर पहले कम बिक्री होती थी। इस वजह से कंपनियों ने इंडक्शन पर ऑफर दे दिया था। इंडक्शन पर 15 से 30 प्रतिशत तक छूट मिल जाती थी। मगर, अब जब से इसकी डिमांड अचानक बढ़ गई है, तो कंपनियों ने इस पर दिया जा रहा ऑफर बंद कर दिया है।
खूब बिक रहे ब्रांडेड के अलावा लोकल ब्रांड
जमशेदपुर में साकची, बिष्टुपुर, मानगो आदि बाजारों में ब्रांडेड के साथ ही लोकल इंडक्शन स्टोव की बिक्री भी खूब बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग लोकल कंपनियों के इंडक्शन खरीद रहे हैं, ताकि अगर एलपीजी गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाए तो उनके किचन काम करते रहें और किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो। बाजार में ब्रांडेड इंडक्शन 3500 से 4500 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं, हाईएंड मॉडल की कीमत 6000 रुपये तक चली गई है। वहीं, लोकल कंपनियों के इंडक्शन 1500 रुपये के आसपास भी मिल जाते हैं।
इंडक्शन की मरम्मत का काम भी तेज
मानगो के रहमान का इंडक्शन एक साल से खराब पड़ा था। उन्होंने अपना इंडक्शन ठीक कराने के लिए दे दिया है। उनका कहना है कि इंडक्शन ठीक हो जाएगा तो उनका एलपीजी का टेंशन खत्म हो जाएगा। रहमान के बेटे ने बताया कि शनिवार को वह सुबह इंडेन गैस एजेंसी की कतार में लग गए थे। दोपहर बाद तीन बजे पर्ची मिली, तब जाकर गैस सिलेंडर मिल पाया। इंडक्शन बनाने की दुकान साकची में शीतला मंदिर के पास है। यहां मौजूद एक मिस्त्री ने बताया कि पहले दिन भर में एक-दो इंडक्शन बनने के लिए आते थे। मगर, चार-पांच दिन से रोज 10-12 इंडक्शन बनने के लिए आ रहे हैं।
इलेक्ट्रिक से चलने वाले अन्य उपकरणों की भी बढ़ी बिक्री
जमशेदपुर के साथ ही झारखंड के अन्य शहरों में इलेक्ट्रिक से चलने वाले अन्य उपकरणों जैसे केतली, राइस मेकर आदि की भी बिक्री बढ़ रही है। भालूबासा की रहने वाली डोला बनर्जी ने बताया कि अब किचन में काम आने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना है, ताकि एलपीजी को बचाया जा सके।
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