
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत मनोहरपुर स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से एक नाबालिग लड़की को नौकरी का झांसा देकर महाराष्ट्र ले जाने का प्रयास विफल कर दिया गया। आरपीएफ ने लड़की को सुरक्षित बचा लिया है।
नौकरी के बहाने ले जाया जा रहा था मुंबई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे टोकलो थाना क्षेत्र के भरनियां गांव निवासी 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़का, डुकरी गांव की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को काम दिलाने का प्रलोभन देकर ट्रेन संख्या 18030 शालीमार–लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से मुंबई ले जा रहा था। लड़की को मुंबई में लड़के के बड़े भाई सोनू नायक के पास ले जाया जा रहा था, जो कन्वेल स्थित होटल साईं कृपा में कार्यरत है।
आरपीएफ को हुआ शक, बचाई गई लड़की
यात्रा के दौरान लड़की के ट्रेन से उतरने पर आरपीएफ जवानों को दोनों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूछताछ में मामला संदिग्ध लगने पर आरपीएफ ने लड़की को तत्काल अपनी अभिरक्षा में ले लिया और संबंधित विभागों को सूचना दी।
सीडब्ल्यूसी को सौंपी गई नाबालिग
21 जून की सुबह सूचना मिलते ही पैरालीगल वॉलंटियर अशोक कुमार महतो, अनिल कुमार महतो, जेरार्ड हेंब्रम, सुनील लुगुन, जिला बाल कल्याण इकाई की डॉ. कृष्णा तिवारी, चक्रधरपुर रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन के फणींद्र बड़ाइक, मनोज दास तथा एस्पायर संस्था की मंजू सवैया मौके पर पहुंचे। सभी ने आरपीएफ थाना प्रभारी के साथ समन्वय कर कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद नाबालिग को जिला बाल कल्याण समिति (CWC) एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया। परामर्श के बाद उसे सुरक्षित परिजनों को सौंपा जाएगा।
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने कहा कि नाबालिगों को रोजगार या शिक्षा के बहाने बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने के मामले बढ़ रहे हैं। अभिभावक विशेष सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस, आरपीएफ या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।

