
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर शहर में एक दर्दनाक हादसे में 9 वर्षीय बच्चा बाल-बाल बच गया। कुदलीबाड़ी निवासी निमर लमाय खेलते समय गंभीर रूप से घायल हो गया जब एक त्रिशूल अचानक उसकी पीठ में घुस गया। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
खेलते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार घटना रविवार को हुई। 9 वर्षीय निमर लमाय घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक एक त्रिशूल उसकी पीठ में घुस गया। बच्चा दर्द से चीखने लगा। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे लेकर अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर भागे। घायल बच्चे के पिता प्रेम लमाय ने बताया कि हादसा खेल-खेल में ही हो गया। उन्हें समझ नहीं आया कि त्रिशूल वहां कैसे आया।
डॉक्टरों की तत्परता से बची जान
अनुमंडल अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक डॉ. जे.जे. मुंडू एवं ड्रेसर मिथलेश महतो ने बिना देरी किए इलाज शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन की तैयारी की गई। डॉ. मुंडू के नेतृत्व में सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर बच्चे की पीठ में फंसे त्रिशूल को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।
परिजनों ने जताया आभार
बच्चे की जान बचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। पिता प्रेम लमाय ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की तत्परता और कुशलता से ही उनके बेटे की जान बच पाई। अस्पताल प्रबंधन ने भी लोगों से अपील की है कि बच्चों को खेलते समय नुकीली या खतरनाक चीजों से दूर रखें ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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