RANCHI: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयानों पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को व्यापारियों से नफरत है, जबकि दलालों और बिचौलियों से विशेष प्रेम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार व्यापारियों के खिलाफ अपमानजनक बयान दे रहे है जो निंदनीय है। इससे राज्य में निवेश का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि घाटशिला उपचुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। व्यापारिक वर्ग ही लाखों लोगों को रोजगार देता है और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। ऐसे में संवैधानिक पद पर बैठकर व्यापारियों को गाली देना शोभा नहीं देता।
राज्य के व्यापारियों को करते है अपमानित
आदित्य साहू ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री एक ओर विदेश यात्रा कर निवेश लाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के व्यापारियों को अपमानित करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध, फिरौती, अपहरण और धमकियों के बीच व्यापारी वर्ग व्यापार करने को मजबूर है। लेकिन सरकार उन्हें सुरक्षा देने की बजाय निशाना बना रही है।
झारखंड किसी पार्टी की जागीर नहीं
मुख्यमंत्री के कोयला रोकने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड किसी पार्टी या परिवार की जागीर नहीं, बल्कि साढ़े तीन करोड़ जनता का राज्य है। उन्होंने कहा कि भारत को टुकड़ों में देखने की सोच राष्ट्रविरोधी है। झारखंड का कोयला देश के विकास में योगदान देता है और अन्य राज्यों से भी झारखंड को संसाधन मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में खुलेआम अवैध कोयला खनन हो रहा है, लेकिन सरकार इसे रोकने में विफल है। रामगढ़, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में अवैध उत्खनन जारी है।
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र
आदित्य साहू ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार झारखंड की जनता के लिए पूरी तरह समर्पित है। जनधन योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार को टकराव की राजनीति छोड़कर विकसित झारखंड के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहिए और मुख्यमंत्री को राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

