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मध्यम वर्ग के लिए मोदी ने खोला ‘दिल’

केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। राजनीतिक दलों के लोग जहां दलगत भावनाओं को ध्यान में रखकर टिप्पणी कर रहे हैं। वहीं अधिकांश आर्थिक जानकार बजट को मध्यम वर्ग के लिए बड़ी सौगात बता रहे हैं।

by Birendra Ojha
PM Modi Budget
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। एक घंटे सत्रह मिनट के लंबे भाषण में कुल करीब 50 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। सत्तापक्ष जहां इस बजट को ऐतिहासिक करार दे रहा है, वहीं विपक्ष घोषणाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।

इन सबके बीच इस बजट में बहुत कुछ ऐसा है, जो सीधे तौर पर आम लोगों के हितों को प्रभावित करने वाला है। इस बार के बजट में मिडिल क्लास को बहुत बड़ी सौगात मिली है। सरकार के नए फरमान के अनुसार अब 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। नौकरीपेशा लोगों को 75 हजार रुपये का अतिरिक्त स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा। यानी 12.75 लाख रुपये तक इनकम टैक्स फ्री। हालांकि इसमें दो शर्तें लगाई गई हैं। उस पर अलग से बहस हो सकती है।

इनकम टैक्स पर हुए एलान के बाद केंद्र सरकार को डायरेक्ट टैक्स में 1 लाख करोड़ रुपये, वहीं इनडायरेक्ट टैक्स में 2,600 करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान हो सकता है। हालांकि इनमें से एक बड़ा हिस्सा वापस सरकार के पास आ जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि टैक्स को लेकर हुए बदलाव के बाद लोगों के पास पैसे बचेंगे और लोग यह पैसे दूसरी चीजों पर खर्च करेंगे। इससे विभिन्न सेक्टर में नई ऊर्जा मिलेगी। इनकम टैक्स में बदलाव से लोगों के हाथ में अतिरिक्त पैसे आएंगे।

इनकम टैक्स के अलावा दो और अहम फैसलों की घोषणा की गई है। इसमें टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स और टीसीएस यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स शामिल है। धारा 194ए के तहत सीनियर सिटीजन को पहले 50 हजार रुपये तक की इंट्रेस्ट इनकम पर टीडीएस लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, अन्य लोगों के लिए ये इंट्रेस्ट इनकम पर टैक्स 40,000 से बढ़ा कर 50,000 कर दिया गया है।

मोदी सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले किसानों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार ने एग्रीकल्चर को ‘सेक्टर ऑफ द फ्यूचर’ यानी भविष्य का क्षेत्र कहा है। अपने बजट में सरकार ने दाल के लिए मिशन लॉन्च करने की बात कही है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाले लोन की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का एलान किया है। इसका फायदा 7.7 करोड़ किसानों को मिलेगा। बिहार के लिए बजट में बहुत कुछ दिया गया है। इसे एक तरफ जहां चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार को राजग के पाले में रखने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।

बजट में बिहार के लिए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पटना आईआईटी का विस्तार, मखाना के लिए अलग से बोर्ड बनाना और मिथिलांचल में बाढ़ से निपटने के लिए नई योजना का एलान किया गया है। विपक्ष का दावा है कि पूंजीगत खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दिख रही है। ये विकास की जरूरतों के हिसाब से कम है।

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