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DA INSTALLMENTS : सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा DA की 3 किस्तों का बकाया? कोरोना काल में मोदी सरकार ने लगाई थी रोक

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी। यह रोक जनवरी 2020 से लेकर जून 2021 तक रही, जिससे कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का बकाया भुगतान नहीं मिल सका। अब, कर्मचारियों की केंद्रीय संगठन, ‘द कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयीज एंड वर्कर्स’ ने इस लंबित बकाए का मुद्दा एक बार फिर से उठाया है। संगठन ने केंद्र सरकार से बकाए की शीघ्र अदायगी की मांग की है।

डीए एरियर का मुद्दा

महंगाई भत्ता (DA) वह राशि है जो कर्मचारियों को महंगाई के दबाव से राहत देने के लिए सरकार द्वारा दी जाती है। आम तौर पर, यह हर साल दो बार—जनवरी और जुलाई में—बढ़ाया जाता है। लेकिन कोविड महामारी के दौरान, जब आर्थिक संकट था, सरकार ने डीए बढ़ाने पर 18 महीनों के लिए रोक लगा दी। इसका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ा, क्योंकि उन्हें तीन किस्तों के रूप में मिलने वाला महंगाई भत्ता स्थगित कर दिया गया था।

कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयीज एंड वर्कर्स ने हाल ही में अपने एक सर्कुलर में इस मुद्दे को फिर से उठाया। सर्कुलर के अनुसार, जनवरी 2020 से लेकर जून 2021 तक के महंगाई भत्ते का बकाया अब तक लंबित पड़ा हुआ है, और सरकार को इसे तुरंत भुगतान करना चाहिए, क्योंकि यह कर्मचारियों और पेंशनर्स का अधिकार है।

केंद्र सरकार का रुख

हालांकि, सरकार कई बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह डीए का बकाया नहीं देगी। सरकार का कहना है कि यह वित्तीय रूप से संभव नहीं है, खासकर महामारी के बाद की स्थिति को देखते हुए। सरकार ने यह तर्क दिया कि कोविड काल में आर्थिक चुनौतियां सामने आईं और इसलिए कुछ कदमों को रोकने की जरूरत पड़ी, जिनमें डीए बढ़ोतरी भी शामिल थी।

कंफेडरेशन का रुख

कंफेडरेशन ने सरकार की इस निष्क्रियता पर निराशा जताई है और यह कहा है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जायज मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। संगठन ने सरकार से शीघ्र इन मुद्दों का समाधान निकालने की अपील की है और कर्मचारियों को उनका लंबित बकाया दिलाने की मांग की है।

कंफेडरेशन ने 7 मार्च 2025 को जारी सर्कुलर में कहा कि सरकार के इस व्यवहार के खिलाफ कर्मचारी लगातार संघर्ष करेंगे और जब तक उनका बकाया न मिल जाए, वे अपनी मांगों के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।

क्या अब मिलेगा बकाया DA?

सरकारी कर्मचारियों के लिए यह बकाया महंगाई भत्ता उनकी कड़ी मेहनत का उचित प्रतिफल माना जाता है। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है और वे इस बारे में अपनी मांगों को मजबूती से उठा रहे हैं। हालांकि, सरकार का वित्तीय स्थिति के बारे में कहना है कि इस समय ऐसे बकायों का भुगतान करना कठिन है, लेकिन कर्मचारियों के संगठनों का मानना है कि यह एक अधिकार है, जिसे सरकार को पूरा करना चाहिए।

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