Chaibasa : कुड़मी समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से 22 फरवरी को रांची के प्रभात तारा मैदान में कुड़मी अधिकार रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में राज्य भर से करीब पांच लाख कुड़मी समाज के लोगों के जुटने का दावा किया गया है। यह जानकारी कुड़मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने चक्रधरपुर ब्लॉक कॉलोनी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
शीतल ओहदार ने बताया कि रैली का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के समक्ष कुड़मी समाज की लंबित मांगों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि कुड़मी समाज की प्रमुख मांग है कि कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल किया जाए, साथ ही कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान दिया जाए। इन दोनों मांगों को लेकर राज्य स्तर पर व्यापक एकजुटता के साथ यह रैली आयोजित की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने कुड़मी समाज के साथ वादाखिलाफी की है। शीतल ओहदार ने कहा कि पूर्व में अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्री रहते हुए झारखंड सरकार की ओर से कुड़मी जाति को एसटी में शामिल करने की अनुशंसा केंद्र को भेजी गई थी। इसके बाद रघुवर दास के कार्यकाल में वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 42 विधायकों के हस्ताक्षर के साथ आवेदन दिया गया था। समय-समय पर रेल रोको आंदोलन भी हुए, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया था कि इस मामले पर संज्ञान लिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि इसी कारण कुड़मी समाज में भारी आक्रोश है और 22 फरवरी को रांची में अपनी ताकत दिखाकर केंद्र सरकार को निर्णय लेने के लिए बाध्य किया जाएगा। रैली में राज्य के सभी प्रमुख कुड़मी नेता मंच पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही देश स्तर के कुड़मी समाज के बड़े नेताओं को भी आमंत्रित करने की तैयारी चल रही है। हाल ही में हुई कोर कमेटी की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को भी आमंत्रित करने पर चर्चा हुई है।
संवाददाता सम्मेलन को मुरलीधर महतो और सिद्धार्थ शंकर महतो ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नीलकमल महतो, दुर्गा चरण महतो, संजीव महतो, रत्नाकर महतो सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
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