चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में एक विशाल दंतैल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी के हमले से आधा दर्जन से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई ग्रामीण घायल हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है।
हाथी ने सोनापोसी पंचायत के बास्की गांव में रामसिंह चातार और काया चातार के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद हाथी चत्रीसाई गांव की ओर बढ़ गया, जहां सुखलाल पिगुंवा का घर ढहने से पांच छोटे बच्चे मलबे में दब गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर हाथी वहां से भागा। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और मझगांव रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। इसी दौरान बच्चों के चाचा मुंगड़ी पिगुंवा और उनकी पत्नी संध्या को हाथी ने सूंड़ से उठा कर पटक दिया। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद हाथी ने पाण्डुकी टोला में भी धावा बोला, जहां दीवार गिरने से बुजुर्ग ऊचबा गोप घायल हो गए।
हाथी ने प्रदीप हेंब्रम और हरिश विरुवा के घरों को भी तोड़ दिया और वहां रखा अनाज चट कर गया। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। दूसरी ओर, टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव में हाथियों द्वारा किए जा रहे नुकसान को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बुधवार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जान मिरन मुंडा और जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा राहत के नाम पर दिया जा रहा 20 किलो चावल ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि 23 जनवरी को वन विभाग की लापरवाही के विरोध में चाईबासा स्थित डीएफओ कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया जाएगा। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही हाथी को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हाथी को पकड़ा नहीं जाता, तब तक वे अपने घरों में सुरक्षित नहीं हैं।
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