Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर में द्वारकाशारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में 250 लोगों ने अपने पूर्व धर्म में वापसी की। होली के अवसर पर विश्व कल्याण आश्रम में आयोजित एक समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 परिवारों के लोग सनातन धर्म में शामिल हुए, जो पहले अन्य धर्मों में चले गए थे। शंकराचार्य स्वामी ने गंगाजल छिड़क कर शुद्धि की और आश्रम प्रभारी ब्रह्मचारी विश्वानन्द ने तिलक, चंदन लगाकर और गंगाजल पिलाकर स्वधर्म में वापसी कराई।
सभी को कराया गया महामंत्र का जाप
शंकराचार्य ने सभी को महामंत्र नाम का उच्चारण कराया और सभी ने स्वधर्म में बने रहने की प्रतिज्ञा ली। शंकराचार्य स्वामी ने कहा कि अंग्रेजी शासन और आजादी के बाद भी कुछ लोग ग्रामीणों को लालच देकर धर्म से भटका रहे हैं। लेकिन धर्म का परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को भ्रष्ट करने के लिए विधर्मी धर्म परिवर्तन और लव जिहाद की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इस पर रोक लगाने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी वजह से धर्म जागरण यात्रा की बात कही गई है।
ग्रामीण इलाकों में भी आयोजित हुई धर्म सभा
कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी धर्म सभा का आयोजन किया गया। यहां लोगों को धर्म के प्रति जागरूक करने के लिए गांव में शिव मंदिर और हनुमान मंदिर बनाकर विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर बसंत बिल्थरे, इंद्रजीत मल्लिक, शिव प्रताप सिंहदेव,कल्पना साहू, गीता देवी, हरिकेश द्विवेदी, रोबी लकड़ा, बुधेश्वर धनवार, उमेश रवानी, आनंद साहू, समेत कई श्रद्धालु और स्वयंसेवक मौजूद थे।

