सीतामढ़ी: बिहार में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने अपनी “पलायन रोको, नौकरी दो” पदयात्रा के दौरान एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। सीतामढ़ी के भारत-नेपाल सीमा स्थित बैरगनिया से इस यात्रा की शुरुआत हुई और यह यात्रा जिले के ढेंग में समाप्त हुई। इस यात्रा के दौरान कन्हैया कुमार ने बेरोजगारी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से तीखे सवाल किए और बिहार के युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी चिंता जताई।

बोले कन्हैया- “मैं हर कदम पर युवाओं के लिए संघर्ष करूंगा
कन्हैया कुमार ने कहा, “सरकार ने डेढ़ लाख युवाओं के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अब तक उन युवाओं को कोई काम नहीं दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं हर कदम पर बेरोजगारी को हटाने के लिए संघर्ष करूंगा। मैं बिहार के हर युवा के साथ खड़ा हूं और सरकार से मांग करता हूं कि जो नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, उन्हें जल्द से जल्द लागू किया जाए।”
ठोस कदम उठाए जाने तक जारी रहेगी पदयात्रा
पदयात्रा के दौरान कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि बिहार की स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा, “बेरोजगार युवा और मजदूर हमारे साथ यात्रा में कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। वे भी सरकार से नियुक्ति पत्र की मांग कर रहे हैं। यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार बेरोजगारी और पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती।”
‘बिहार की जनता अब सरकार से थक चुकी’
कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें बेरोजगार करने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की जनता अब सरकार से थक चुकी है और लोगों का विश्वास इस सरकार से उठ चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार युवाओं की शिक्षा और मेहनत को अनदेखा कर रही है, और इस कारण राज्य में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है।
युवाओं की भागीदारी और समर्थन
पदयात्रा के दौरान कन्हैया कुमार के साथ बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा और मजदूर शामिल थे, जिन्होंने सरकार से नौकरी की मांग की। यात्रा के दौरान कन्हैया कुमार ने कहा कि यह यात्रा एक आंदोलन का रूप ले चुकी है और वे इसे हर हाल में जारी रखेंगे, ताकि बिहार के बेरोजगारों और मजदूरों को उनके हक मिल सके।
सरकार ने किए थे वादे, नहीं किए पूरे
कन्हैया कुमार ने एनडीए सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के वादे तो किए थे, लेकिन अब तक वे वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा, “यह सरकार वादे करती है, लेकिन किसी भी मुद्दे पर कार्यवाही नहीं होती। बिहार में शिक्षा के स्तर को सुधारने के बजाय सरकार केवल शहरी क्षेत्रों में अपने प्रभाव को बढ़ाने में जुटी हुई है।”
कन्हैया की यात्रा का उद्देश्य:
कन्हैया कुमार की “पलायन रोको, नौकरी दो” यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं और मजदूरों को रोजगार दिलवाना है। कन्हैया ने इसे एक राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि यह केवल बिहार का ही मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के हर राज्य में रोजगार की स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस आंदोलन में साथ आएं और बिहार के हर युवा को उनके हक दिलवाने के लिए एकजुट हों।

