नई दिल्ली : Congress Leader Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी अब संसद में नई भूमिका में नजर आएंगे। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता होंगे। कांग्रेस ने प्रोटेम स्पीकर भतृहरि महताब को पत्र लिखकर इस बारे में सूचित किया है।

वहीं 2014 में मोदी सरकार के बनने के बाद पिछले करीब 10 साल से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहा है। हालांकि अब राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में होंगे। भारतीय लोकतंत्र में कई ऐसे पद हैं, जो बेहद शक्तिशाली माने जाते हैं। इनमें नेता प्रतिपक्ष का पद भी शामिल है। शायद यही कारण है कि राहुल गांधी इसके लिए तैयार हुए हैं। राहुल गांधी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा और उसी के अनुरूप सैलरी ओर सुविधाएं दी जाएंगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को पत्र लिखकर राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के फैसले की जानकारी दी है। वहीं, उन्होंने कहा कि अन्य नियुक्तियों पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
Congress Leader Rahul Gandhi: प्रोटेम स्पीकर को लिखा पत्र
मंगलवार यानी 25 जून को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर विपक्ष के इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक की गई, जिसमें राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने को लेकर फैसला किया गया। इसके साथ ही नेता विपक्ष के लिए प्रोटेम स्पीकर को पत्र भी लिखा गया।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 18वीं लोकसभा में, लोगों का सदन सही मायने में अंतिम व्यक्ति की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगा, जिसमें राहुल गांधी उनकी आवाज बनेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मुझे विश्वास है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक और मणिपुर से महाराष्ट्र तक, देश के कोने-कोने में यात्रा करने वाला एक नेता खासकर वंचितों और गरीब लोगों की आवाज उठाएगा।
Congress Leader Rahul Gandhi: राहुल गांधी को लेकर उठ रही थी मांग
बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही पार्टी नेताओ ने राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाने की मांग उठाई थी। वहीं इसी के साथ कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भी सर्वसम्मति से राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाने की मांग दोहराई गई थी। इसके साथ ही प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
ऐसे में अब नेताओं और गठबंधन की पार्टियों का सम्मान करते हुए राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया है। वहीं इससे पहले नेता प्रतिपक्ष के लिए अपने नाम का प्रस्ताव पारित होने पर राहुल गांधी ने इस बारे में सोचने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों से समय मांगा था।

