गया (बिहार): कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार, 6 जून को बिहार के गया जिले में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और श्रमजीवी महिलाओं से संवाद किया और उनकी समस्या जानीं। कार्यक्रम के दौरान एक महिला द्वारा खुद को ‘अंगूठा छाप’ कहे जाने पर राहुल गांधी चौंक गए और उन्होंने पूछा कि अंगूठा छाप क्या होता है? इसके बाद महिला ने बड़े ही सहज अंदाज़ में ‘अनपढ़ व्यक्ति’ का संदर्भ देते हुए इसका अर्थ समझाया।
‘अंगूठा छाप’ सुनकर चौंके राहुल गांधी
कार्यक्रम में पटना के पुनपुन से आई बैंड दल की सदस्य रूना देवी ने खुद को ‘अंगूठा छाप’ बताते हुए कहा कि वह कम पढ़ी-लिखी हैं और इसी कारण उनका मजदूरी का पैसा कोई और निकाल लेता है। बैंड चलाना सीखा, मजदूरी करती हूं, खाता में पैसा आता है लेकिन अनपढ़ होने के कारण कोई और निकाल लेता है। – रूना देवी, महिला संवाद प्रतिभागी
मनरेगा, मजदूरी और खाते से पैसे की समस्याएं
महिलाओं ने बताया कि मनरेगा में साल में सिर्फ 100 दिन काम मिलता है और लोकेशन इश्यू के कारण कभी-कभी मोबाइल हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती, जिससे पैसे कट जाते हैं। राहुल गांधी ने इस संवाद में कांग्रेस की महत्वाकांक्षी योजना ‘माई बहन मान योजना’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी, तो हर महिला को 2500 मासिक सहायता दी जाएगी।
राहुल गांधी का बिहार दौरा और जनसंपर्क
राहुल गांधी का यह बिहार दौरा एक दिवसीय था। उन्होंने गया और नालंदा में जन संवाद किया और दशरथ मांझी की समाधि स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस नेता ने जनता से सीधे जुड़ने का प्रयास किया।

