RANCHI: बीच शहर में बिजली विभाग की लापरवाही लोगों पर सीधा खतरा बनकर मंडरा रही है। कहीं सड़क के बीचों-बीच बिजली का पोल खड़ा रह गया है, तो कहीं जर्जर हो चुका लोहे का खंभा अब बिजली के तारों के सहारे टिका हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लोगों की शिकायत करने के बावजूद विभाग ने अब तक स्थिति सुधारने की कोई कोशिश नहीं की, जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बीच सड़क में सीमेंट का पोल
हरमू में करम चौक के पास सड़क निर्माण पूरा हो चुका है। लेकिन कार्य पूरा हो जाने के बाद भी बिजली विभाग ने पोल शिफ्ट करने के नियम को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। सड़क का लेवल बढ़ने के बाद खंभा बीच सड़क में आ गया। उसे हटाने या स्थानांतरित करने के लिए विभाग ने एक भी कदम नहीं उठाया। ऐसे में वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। वही रात के समय गाड़ियों के टकराने का हमेशा खतरा बना रहता है।

डर के माहौल में है लोग
लोगों ने कहा कि बारिश के दिनों में यह खतरा और बढ़ जाता है। पानी लगते ही तारों और पोल में करंट फैलने का डर रहता है। कई बार ऐसा हुआ भी है कि हल्की बारिश के बाद खंभे में चिंगारी उठती दिखी है। लोग मजबूरी में उन रास्तों से गुजरते हैं और हमेशा डर बना रहता है कि कहीं यह खंभा गिर न जाए या तार टूटकर नीचे न आ जाए। वहीं ठड में कोहरे के कारण भी पोल से टक्कर होने का खतरा मंडरा रहा है।
तार के सहारे टिका है पोल
बरियातू में सड़क किनारे झूलते पोल की हालत और भी खराब है। पुराना और कमजोर पोल अब केवल बिजली के तारों की पकड़ से ही टिका हैं। यदि तेज हवा चली या कोई भारी वाहन पास से गुजर गया तो यह पोल कभी भी गिर सकता है। स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि कई बार उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों से लिखित और मौखिक शिकायत की। लेकिन कार्रवाई तो दूर कोई झांकने तक नहीं आया। स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्या कह रहे लोग
यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि विभाग की कमजोर कार्यशैली का परिणाम है। सड़क बनने से पहले और दौरान बिजली विभाग को नोटिस भेजा जाता है, ताकि संबंधित पोल या तारों का स्थान बदल दिया जाए। परंतु कई बार विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता, जिससे नई बनी सड़कें भी दुर्घटनाओं की वजह बन जाती हैं।
नंद किशोर
अगर विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे या उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। किसी बड़े हादसे का इंतजार करना विभाग की नीतियों का हिस्सा बन गया है। पोल शिफ्ट करने का काम मामूली नहीं है, लेकिन यह सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई कर खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए।
चंद्रकांत चौटालिया

