जहानाबाद : बिहार के जहानाबाद जिले में शनिवार को एक अज्ञात शव मिलने से शुरू हुई जांच ने सोमवार को एक हाई-प्रोफाइल हत्या का रूप ले लिया है। मृतक की पहचान महाराष्ट्र के पुणे निवासी स्क्रैप व्यवसायी लक्ष्मण साधु शिंदे के रूप में हुई है। शव की पुष्टि होते ही पटना, नालंदा और जहानाबाद तक पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

घटना का विवरण
शनिवार, 12 अप्रैल की सुबह, घोसी थाना क्षेत्र के मननपुर गांव के पास सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिला था। शुरुआती तौर पर शव की पहचान नहीं हो पाई और पुलिस ने इसे लावारिस समझकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो दिनों बाद 14 अप्रैल को शव की पहचान पुणे के व्यवसायी लक्ष्मण शिंदे के रूप में हुई।
अपहरण और हत्या की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि व्यवसायी को साइबर अपराधियों द्वारा झांसे में लेकर पटना बुलाया गया, जिसके बाद उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई। यह मामला अपहरण के बाद हत्या का लग रहा है। साइबर ठगों का हाथ हो सकता है।
— अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, जहानाबाद
तीन जिलों में फैली जांच
इस मामले ने पटना पुलिस मुख्यालय से लेकर नालंदा और जहानाबाद पुलिस को सक्रिय कर दिया है। जांच में सामने आया है कि मृतक को पटना, नालंदा और जहानाबाद के विभिन्न स्थानों पर घुमाया गया था, जिसके बाद शव को मननपुर गांव में फेंक दिया गया।
ग्रामीणों ने सबसे पहले देखी लाश
मननपुर गांव के पास खेत पर गए ग्रामीणों ने शव को सबसे पहले देखा। चुनकपुर गांव के निवासी मुन्ना कुमार ने बताया कि हमलोग सुबह खेत देखने गए थे, तभी देखा कि सड़क किनारे एक लाश पड़ी है। तुरंत गांव वालों को और पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम और पुलिस की प्रतिक्रिया
घोसी के एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि लाश को सदर अस्पताल जहानाबाद भेजा गया और पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में शव की पहचान होने पर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना एयरपोर्ट थाना, जहां पहले से अपहरण का केस दर्ज था, को सूचित किया गया।
क्या बोले जहानाबाद एसपी
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि यह एक हाई-प्रोफाइल केस है। अपहरण का केस पटना में पहले से दर्ज है। जांच में यह बात सामने आई है कि व्यवसायी को कई जिलों में घुमाया गया। हत्यारों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है।
पुलिस की जांच का फोकस
सीसीटीवी फुटेज की जांच
मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग
साइबर क्राइम एंगल
व्यवसायी को बुलाने वाले लोगों की पहचान
पटना पुलिस के साथ मिलकर क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और स्थानीय थानों की टीम इस जघन्य हत्याकांड की परतें खोलने में लगी हुई हैं।

