
देवघर : देवघर जिला मुख्यालय स्थित नगर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बीती रात रांगा मोड़ के पास एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि कातिल या उसके साथी ने इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की पूरी कोशिश की। मृतक की पहचान बिहार के बांका जिले के चांदन थाना क्षेत्र अंतर्गत गोडियारी गांव के रहने वाले 27 वर्षीय रोशन कुमार के रूप में हुई है।
ऐसे खुली इस सनसनीखेज वारदात की पोल
बीती रात एक युवक लहूलुहान हालत में रोशन को बुलेट बाइक पर लादकर सीधे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंच गया। अस्पताल पहुंचते ही उस शख्स ने डॉक्टरों को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि रोशन किसी सड़क हादसे का शिकार हुआ है।
लेकिन, जब ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जख्मों की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। रोशन के सिर के पिछले हिस्से और आंख के पास गोली के निशान साफ नजर आ रहे थे। डॉक्टरों ने तुरंत समझ लिया कि यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने से पहले ही उसकी जान जा चुकी थी।
रैंप के रास्ते अस्पताल के अंदर तक पहुंच गई बाइक
इस घटना का एक और पहलू लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जख्मी रोशन को लेकर उसका साथी बुलेट बाइक से अस्पताल के पिछले गेट से अंदर दाखिल हुआ और रैंप के रास्ते सीधे इमरजेंसी वार्ड के पास ड्रेसिंग रूम तक जा पहुंचा। इस दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने अस्पताल के अंदर तक बाइक ले जाने की यह तस्वीर अपने कैमरे में कैद कर ली, जो अब तेजी से सामने आ रही है।
पुलिस के सामने अनगिनत सवाल
घटना की सूचना मिलते ही बैद्यनाथधाम ओपी और नगर थाना पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के सामने इस वक्त कई बड़े सवाल खड़े हैं, जिसके जवाब मिलने पर पूरा राज खुल सकता है।
हादसे की झूठी कहानी गढ़ने वाला साथी कौन
घटना को रांगा मोड़ के पास अंजाम दिया गया या उसे कहीं और गोली मारकर यहां लाया गया?
अस्पताल में सड़क हादसे की झूठी कहानी गढ़ने वाला वह साथी कौन था और उसकी क्या भूमिका है?
फिलहाल पुलिस इस पूरे गोलीकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है और आधिकारिक बयानों व पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

