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Faheem Khan Attack Case : 22 साल पुराने फहीम खान हमला केस में तीन दोषियों को उम्रकैद, AK-47 से बरसाई गई थीं गोलियां

हमले में फहीम खान को निशाना बनाया गया था, लेकिन वह हमलावरों के बीच से बच निकलने में सफल रहा। गोलीबारी में उसके साथ मौजूद एक अंगरक्षक की मौत हो गई थी

by Rakesh Pandey
Faheem Khan Attack
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धनबाद : धनबाद के चर्चित फहीम खान हमला मामले में करीब 22 साल बाद अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वर्ष 2004 में गैंगस्टर फहीम खान के घर पर एके-47 से किए गए हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और पटना के शूटर तनवीर आलम को दोषी ठहराया था। शनिवार को अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसके बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई।

यह मामला धनबाद के आपराधिक इतिहास में चर्चित घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2004 में फहीम खान के घर को निशाना बनाकर एक साथ कई एके-47 से गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई थी। हमले में फहीम खान बाल-बाल बच गया था। गोलीबारी के दौरान उसके एक अंगरक्षक की मौत हो गई थी, जबकि उसका एक रिश्तेदार भी घायल हुआ था।

फहीम खान के घर पर एके-47 से हुई थी ताबड़तोड़ गोलीबारी

वर्ष 2004 में हुए इस हमले को लेकर धनबाद में काफी चर्चा हुई थी। फहीम खान के घर को निशाना बनाकर हमलावरों ने एके-47 से गोलीबारी की थी। अचानक हुई भारी गोलीबारी से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। हमले में फहीम खान को निशाना बनाया गया था, लेकिन वह हमलावरों के बीच से बच निकलने में सफल रहा। गोलीबारी में उसके साथ मौजूद एक अंगरक्षक की मौत हो गई थी। बिहार निवासी इस अंगरक्षक के अलावा फहीम खान का एक रिश्तेदार भी हमले में घायल हुआ था।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। उस समय यह घटना धनबाद में हुई बड़ी आपराधिक वारदातों में गिनी गई थी। हमले में अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की बात सामने आने के कारण पुलिस के लिए भी यह मामला गंभीर चुनौती बना था।

पुलिस ने भाग रहे हमलावरों का पीछा किया

हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिस की गश्ती टीम सक्रिय हुई। घटनास्थल से भाग रहे अपराधियों का पुलिस ने पीछा किया। बताया जाता है कि हमलावर मारुति वैन और बोलेरो से भाग रहे थे। पुलिस टीम ने दोनों वाहनों का पीछा किया।

इसके बाद धनबाद पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पटना के एक शूटर की मौत होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने हमले से जुड़े साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। फहीम खान से फर्द बयान लेने के बाद बैंक मोड़ थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा और लंबे समय तक इसकी न्यायिक प्रक्रिया चलती रही।

साबिर आलम के भाई समेत तीन दोषी

अदालत में चली सुनवाई के दौरान शाहिद आलम, शहादत हुसैन और पटना के शूटर तनवीर आलम को मामले में दोषी पाया गया। शाहिद आलम को फहीम खान के जानी दुश्मन बताए जाने वाले साबिर आलम का भाई बताया गया है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

मामले की लंबी सुनवाई के दौरान कई आरोपियों की मौत हो गई। वहीं, साबिर आलम के फरार रहने के कारण उसके मामले में उसकी गैरमौजूदगी में सुनवाई चलने की जानकारी भी सामने आई है।

दो दशक से अधिक समय बाद आया अदालत का फैसला

फहीम खान के घर पर हुए हमले को दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। वर्ष 2004 की इस घटना में एके-47 से की गई गोलीबारी, अंगरक्षक की मौत और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ मामले के प्रमुख घटनाक्रम रहे।

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