
Ranchi : सोमवार 14 सितंबर की शाम सूर्यास्त के बाद आसमान में बेहद आकर्षक खगोलीय नजारा देखने को मिला। पतले अर्द्धचंद्र के बेहद करीब तेज चमक के साथ शुक्र ग्रह दिखाई दिया। पश्चिमी आसमान में चंद्रमा और शुक्र की यह नजदीकी लोगों के लिए खास आकर्षण रही।
साफ आसमान वाले इलाकों में इस दृश्य को बिना दूरबीन के भी देखा गया। चंद्रमा के प्रकाशित हिस्से के साथ उसके अंधेरे भाग में हल्की रोशनी भी नजर आई, जिसे ‘अर्थशाइन’ कहा जाता है। यह रोशनी पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा तक पहुंचने वाली सूर्य की किरणों के कारण दिखाई देती है।
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा और शुक्र वास्तव में एक-दूसरे के पास नहीं थे। पृथ्वी से देखने पर दोनों एक ही दिशा में करीब दिखाई दे रहे थे। इसे ‘मून-वीनस कंजंक्शन’ कहा जाता है। चंद्रमा पृथ्वी से करीब 3.8 लाख किलोमीटर दूर है, जबकि शुक्र की दूरी करोड़ों किलोमीटर हो सकती है।
इस खगोलीय घटनाक्रम के दौरान कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा द्वारा शुक्र को कुछ समय के लिए ढकने की स्थिति भी बनी। इसे ‘चंद्र-अवच्छादन’ या ‘ऑकल्टेशन’ कहा जाता है। हालांकि यह घटना हर स्थान से दिखाई नहीं दी।
पर्यावरणविद नीतीश प्रियदर्शी ने बताया कि यह एक सामान्य लेकिन आकर्षक खगोलीय घटनाक्रम है। सोमवार को मौसम साफ रहने के कारण इसे कई स्थानों से स्पष्ट रूप से देखा गया। लोगों ने इस दृश्य की तस्वीरें लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी साझा कीं।
डीएसपीएमयू के प्राध्यापक डा. अभय कृष्ण सिंह ने बताया कि चंद्रमा, शुक्र और बुध का शाम के आसमान के एक क्षेत्र में दिखाई देना दृश्य को और खास बना रहा था। इसका संबंध किसी ज्योतिषीय प्रभाव से नहीं, बल्कि सूर्य, पृथ्वी, चंद्रमा और शुक्र की नियमित एवं पूर्वानुमेय कक्षीय गति से है। आने वाले दिनों में भी शुक्र शाम के आकाश का प्रमुख आकर्षण रहेगा और 18 सितंबर को इसकी चमक अधिकतम के करीब पहुंचने की उम्मीद है।
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