
Jamshedpur : प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। इसे साबित किया है गुलमोहर हाई स्कूल, जमशेदपुर के छात्र अक्षत ने। अपनी अभिनव सोच, तकनीकी प्रतिभा और सामाजिक संवेदनशीलता के दम पर अक्षत ने Samsung Solve for Tomorrow India के Top 40 में जगह बनाकर विद्यालय और शहर का नाम रोशन किया है।
Samsung Solve for Tomorrow युवाओं को नवाचार और समस्या-समाधान के लिए प्रेरित करने वाला वैश्विक CSR कार्यक्रम है, जो 61 से अधिक देशों में संचालित होता है। भारत में इसका आयोजन FITT, IIT Delhi के सहयोग से किया गया। इस वर्ष देशभर से कार्यक्रम के लिए 3.4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कठोर चयन प्रक्रिया के बाद केवल 40 टीमों को Prototyping Programme और Innovation Bootcamp के लिए चुना गया। अक्षत इस उपलब्धि के साथ Solve for Tomorrow India के इतिहास में Top 40 तक पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के प्रतिभागी बन गए।
‘Kinexa’ में तकनीक के साथ संवेदनशीलता और समावेशन
अक्षत का नवाचार ‘Kinexa’ खेलों को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इसका उद्देश्य तकनीक की मदद से बधिर एवं कम सुनने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों के बीच संवाद को बेहतर बनाना है। इसमें एनिमेटेड विजुअलाइजेशन और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) के माध्यम से संवाद को अधिक सहज और प्रभावी बनाने की परिकल्पना की गई है।
10 दिवसीय Innovation Bootcamp के दौरान अक्षत को स्टार्टअप मैनेजमेंट, यूनिट इकोनॉमिक्स, फाइनेंशियल मॉडलिंग, प्रोडक्ट वैलिडेशन और इनोवेशन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने Samsung Design Delhi, Samsung के नोएडा, दिल्ली और बेंगलुरु स्थित R&D संस्थानों तथा गुरुग्राम स्थित Samsung South West Asia Regional Head Office का भी दौरा किया। इन अनुभवों से उन्हें डिजाइन, अनुसंधान, अत्याधुनिक तकनीक और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की व्यावहारिक समझ हासिल हुई।
विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किया ‘Kinexa’
अक्षत की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव Top 40 Pitch Event रहा, जहां उन्होंने IIT Delhi, उद्योग जगत, Samsung R&D और Samsung South West Asia के विशेषज्ञों के सामने Kinexa का प्रस्तुतीकरण किया।
Top 40 में चयन के सम्मानस्वरूप अक्षत को Samsung Pro Series Laptop और Innovation Grant प्रदान किया गया। इससे उन्हें अपने नवाचार को और विकसित करने का अवसर मिलेगा।
अक्षत के लिए यह उपलब्धि उस समय और खास हो गई, जब उन्हें Samsung South West Asia के President एवं CEO J. B. Park से व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर मिला। Park ने Kinexa की सराहना करने के साथ ही गुलमोहर हाई स्कूल में प्राचार्या के नेतृत्व में विकसित की जा रही नवाचार की संस्कृति की भी प्रशंसा की।
‘बच्चों को प्रश्न पूछने और समाधान खोजने का वातावरण देना हमारा उद्देश्य’
गुलमोहर हाई स्कूल की प्राचार्य प्रीति सिन्हा ने अक्षत की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि 3.4 लाख से अधिक आवेदनों के बीच Top 40 में जगह बनाना और Solve for Tomorrow India के इतिहास में इस मुकाम तक पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का प्रतिभागी बनना अक्षत की असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि विद्यालय को गर्व है कि उसके विद्यार्थी की सोच ऐसे वैश्विक मंच तक पहुंची है, जो 61 से अधिक देशों में युवा नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे प्रश्न पूछें, प्रयोग करें, समस्याओं को पहचानें और उनके समाधान तलाशें। उन्होंने Kinexa को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन का सुंदर मेल बताते हुए कहा कि अक्षत ने यह साबित किया है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सोच और सपनों की कोई सीमा नहीं होती।
अक्षत की उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक
अक्षत की यह उपलब्धि गुलमोहर हाई स्कूल में विकसित हो रही नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की संस्कृति का भी उदाहरण है। Innovation Grant, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग जगत से मिले अनुभव के साथ अब अक्षत Kinexa को और विकसित करने तथा समावेशी खेलों में इसके व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर काम करेंगे।
अक्षत की उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक संदेश देती है—उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन जब सोच वैश्विक हो तो नवाचार की उड़ान की कोई सीमा नहीं होती।

