
Jamshedpur : तेजी से बदलती और डिजिटल होती दुनिया के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के उद्देश्य से गुलमोहर हाई स्कूल, जमशेदपुर और टाटा एजुकेशन एक्सीलेंस प्रोग्राम (TEEP 2.0) के सहयोग से दो चरणों में डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 26 अगस्त और 25 सितंबर 2026 को आयोजित इस पहल में 18 विद्यालयों के कुल 108 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
मुख्य रूप से कक्षा VI से VIII के विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें डिजिटल दुनिया में मौजूद अवसरों के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों के प्रति व्यावहारिक रूप से जागरूक बनाना था। दोनों चरणों में तीन-तीन घंटे के सत्र आयोजित किए गए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल इंजीनियरिंग और एआई के जिम्मेदार उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय लाइव डेमो, संवादात्मक गतिविधियों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया को समझने और उसके प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर दिया गया। विद्यार्थियों ने डीपफेक और ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान, सोशल इंजीनियरिंग के तरीकों को समझने, वॉइस क्लोनिंग से जुड़े जोखिमों की पहचान, प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने तथा एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में सीखा।
विद्यार्थियों को दी गई नेतृत्व की जिम्मेदारी
कार्यक्रम की खासियत इसका विद्यार्थी-नेतृत्व आधारित स्वरूप रहा। छात्र-नेता दक्ष सरकार ने कार्यक्रम की योजना बनाने, गतिविधियों को तैयार करने, छात्र टीम के समन्वय और सत्रों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ आदर्श कुमार और अमित कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग किया। छात्र टीम को शिक्षक विपुल सर ने मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया।
पूरे कार्यक्रम की परिकल्पना, योजना और क्रियान्वयन गुलमोहर हाईस्कूल की प्राचार्य प्रीति सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक, विवेकशील और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक के रूप में विकसित करना रहा।
इस अवसर पर प्रीति सिन्हा ने कहा कि तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उसी गति से डिजिटल साक्षरता की समझ को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि सवाल करना, तथ्यों की पुष्टि करना और जिम्मेदार निर्णय लेना भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों ने स्वयं डिजिटल जागरूकता की जिम्मेदारी संभाली और अपने साथियों को भी सशक्त बनाने का प्रयास किया।
गुलमोहर हाईस्कूल और TEEP 2.0 की इस संयुक्त पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में डिजिटल जागरूकता, आलोचनात्मक सोच और एआई के जिम्मेदार उपयोग की समझ विकसित करने का प्रयास किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की पहल युवाओं को तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, समझदार और जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ने में मदद करेगी।

