
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत होयोहातु पंचायत में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। माईलपीड़, कामेगाड़ा, चिंतपीड़ और बांडीजाहिर सहित लगभग आधा दर्जन गांवों में पिछले 10 से 12 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद है। लगातार ब्लैकआउट के चलते परेशान ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार शनिवार को टूट गया और उन्होंने पंप रोड स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त, कारोबार ठप
बिजली गुल रहने के कारण क्षेत्र का आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए भी पास के दूसरे गांवों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं बिजली से संचालित होने वाले स्थानीय व्यवसाय, जैसे आटा चक्की और छोटी दुकानें, पूरी तरह ठप्प हो गई हैं, जिससे लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सांप-बिच्छू का खौफ और पढ़ाई पर असर
बारिश के मौसम में गांव में पसरे अंधेरे के कारण जहरीले जीवों और सांप-बिच्छुओं का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे लोग खौफ के साए में रातें काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ढलती शाम के साथ ही पढ़ाई रुक जाने से स्कूली बच्चों के भविष्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
कार्रवाई न होने पर तालाबंदी की चेतावनी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने विभाग की घोर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कार्यपालक अभियंता को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद तकनीकी खामियों को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द खराब लाइनों की मरम्मत कर बिजली बहाल नहीं की गई, तो पंचायत के सभी लोग एकजुट होकर बिजली कार्यालय में तालाबंदी करेंगे।

