
हजारीबाग : वह खौफनाक मंजर जब आधी रात को गोलियों से भरी पिस्टल मासूम बेटे की कनपटी पर सट गई। जुबान से एक भी शब्द निकलता तो जान जाने का खतरा था। इसी खौफ का फायदा उठाकर नकाबपोश डकैतों ने एक ही झटके में जिंदगी की गाढ़ी कमाई साफ कर दी।
चौपारण थाना क्षेत्र के जीटी रोड स्थित सिंघरावां मोड़ से कुछ ही दूरी पर लराही रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान सह मकान में शुक्रवार देर रात सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। बेखौफ बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने और नकदी लूट ली।
सीढ़ी के सहारे दाखिल हुए डकैत, बेटे को बनाया ढाल
दुकान संचालक राजेश कुमार स्वर्णकार के मुताबिक, शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे पांच हथियारबंद नकाबपोश अपराधी मकान के पिछले हिस्से से सीढ़ी के सहारे अंदर दाखिल हुए। घर में घुसते ही बदमाशों ने सबसे पहले उनके बेटे निखिल को अपने कब्जे में लिया और उसकी कनपटी पर पिस्टल तान दी।
मासूम की जान का डर दिखाकर अपराधियों ने निखिल से उसके माता-पिता को जगवाया। इसके बाद सभी सदस्यों के हाथ-पैर बांध दिए गए। जब तिजोरी और अलमारी की चाबी मांगी गई, तो विरोध करने पर मारपीट भी की गई।
डेढ़ घंटे तक उत्पात, पहने हुए गहने भी उतरवाए
खौफ का यह खेल करीब डेढ़ घंटे तक चलता रहा। डकैतों ने दुकान और घर की अलमारियों, लॉकरों में रखी नकदी और सोने-चांदी के जेवरात तो बटोरे ही, साथ ही परिजनों के शरीर पर मौजूद आभूषण भी उतरवा लिए।
जाते-जाते बदमाश सभी को एक कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा गए और दो मोबाइल भी साथ ले गए। इनमें से एक मोबाइल पास में ही मिल गया, जबकि दूसरे की लोकेशन बिहार के गुरपा-गझंडी रेल क्षेत्र में स्विच ऑफ मिली है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम कर रही इलाके की नाकेबंदी
घटना की सूचना मिलते ही बरही एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल से अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं। एसडीपीओ ने बताया कि पीड़ित परिवार से जानकारी ली जा रही है और अपराधियों के भागने की दिशा में संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर लुटेरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

