
रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 में अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े नोटिस पाने वाले मतदाताओं को सामान्य तौर पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के अधिकारियों को मतदाताओं की सुविधा के लिए सुनवाई की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करने का निर्देश दिया है।
नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) जाकर जरूरी दस्तावेज प्राप्त करेंगे और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ईआरओ नियमानुसार मामले का निर्णय करेंगे। तकनीकी रूप से कमजोर बीएलओ को बीएलओ सुपरवाइजर और जरूरत के अनुसार वॉलेंटियर सहयोग करेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत होगी। ऐसी सुनवाई भी ऑनलाइन माध्यम से होगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से अधिकृत कर सकता है।
जिन मतदाताओं को पहले ही सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचने की सूचना दी जा चुकी है और वे वहां पहुंचते हैं, वहां संबंधित पदाधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
गरीब, श्रमिक, बेघर और रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष हेल्प डेस्क और शिविर लगाने को भी कहा गया है। साथ ही फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 से प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन और आवश्यक मामलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है। के. रवि कुमार ने अधिकारियों को हर मामले में स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र या विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो।

