
Jamshedpur : जमशेदपुर में इन दिनों गैंगवार चल रही है। पहले एक गिरोह ने मानगो के अमरनाथ गिरोह का खात्मा कर दिया। फिर इस साल देहरादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाया गया। फिर, निखार सबलोक की हत्या हुई। और अब शनिवार को सोनारी इलाके के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना। इन वारदातों ने जमशेदपुर का अमन-चैन लूट लिया है। इन घटनाओं से शहर का माहौल बिगड़ रहा है और लोग दहशत में आ गए हैं। कब कौन कहां किसे गोली मार देगा पता नहीं है। कब कौन सा प्रतिष्ठान लुट जाए कोई ठीक नहीं है। सीसीटीवी कैमरे और गार्ड सब बेमानी हो चुके हैं। सिस्टम ऐसा बन चुका है कि बदमाशों में गार्ड और सीसीटीवी कैमरों का कोई खौफ नहीं रहा।
रेस्टोरेंट में फायरिंग के मामले में शुरुआती जांच में जमीन विवाद और गैंगवार का मामला सामने आया है। इस मामले में जो दो नाम सामने आए हैं वह अजीत मंडल और मोहन यादव हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले एक गैंगस्टर ने गोलीबारी में घायल रिजवान को किसी काम के सिलसिले में फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। इसके अगले ही दिन सोनारी इलाके में फायरिंग की घटना हो गई। इस क्रम में पुलिस दोनों घटनाक्रमों के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
पुलिस जमीन विवाद, पुरानी रंजिश और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। घटना में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
कौन हैं अजीत मंडल और मोहन यादव
जांच में अजीत मंडल का नाम भी सामने आया है। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर के रहने वाले अजीत मंडल का जमशदेपुर की जरायम की दुनिया में अच्छा खासा दबदबा है। बताया जा रहा है कि अजीत मंडल अभी उस गिरोह के लिए काम करता है, जिसने मानगो के गैंगस्टर अमरनाथ का काम तमाम किया था। अजीत मंडल का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उस पर जरमुंडी थाना क्षेत्र में 28 जुलाई 2023 को जमशेदपुर के गैंगस्टर अमरनाथ सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप भी रहा है।
इसके अलावा इस साल 16 जुलाई को जमशेदपुर कोर्ट परिसर के बाहर सुशील डे के अपहरण के मामले में भी अजीत मंडल का नाम सामने आया था। पुलिस इस मामले में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संपर्क की भी जांच कर चुकी है। हालांकि, इस मामले में पुलिस उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मगर, अजीत मंडल फरार चल रहा था।
अजीत मंडल का नाम जरायम की दुनिया में छह दिसंबर साल 2016 को तब आया था जब सोनारी के शिवगंगा अपार्टमेंट के सामने अमित राय की हत्या की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि अमित राय की हत्या में चार लोग बाइक पर मौके पर पहुंचे थे। इसमें से एक बाइक अजीत मंडल चला रहा था।
वहीं, इस गोलीबारी की घटना से जुड़े बताए जा रहे एक अन्य आरोपी मोहन यादव पर भी हत्या समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। मोहन यादव सोनारी के ग्वाला बस्ती का रहने वाला है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क, अन्य संदिग्धों से संपर्क और सोनारी फायरिंग में संभावित भूमिका की जांच कर रही है। मोहन यादव भी एक शातिर अपराधी है। उस पर भी कई केस हैं। मोहन का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। अमित राय की हत्या में मोहन यादव को भी जेल भेजा गया था। जांच में सामने आया था कि घटना के दौरान मोहन यादव भी मौके पर मौजूद था। बताया जा रहा है कि अमित राय पहले अखिलेश गिरोह का ही सदस्य था। बाद में उसकी अखिलेश से किसी बात को लेकर तनातनी हो गई। इसके बाद अमित राय अखिलेश के विरोधी उपेंद्र राय से मिल गया था। इसी के बाद अमित राय की हत्या कर दी गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और जांच से घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामले का जल्द खुलासा करने की दिशा में पुलिस की कार्रवाई जारी है।

