
रांची : हजारीबाग में अतिक्रमण हटाने के दौरान अंचल अधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) ने कड़ा रुख अपनाया है। झासा की केंद्रीय कार्यकारिणी ने पूर्व मंत्री एवं बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
26 सितंबर को झासा की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष रंजीता हेम्ब्रम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 18 सितंबर को हजारीबाग के सदर अंचल अधिकारी सह खास महाल पदाधिकारी आशुतोष के साथ हुई घटना पर चर्चा की गयी। संघ के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर मौजा कैंटोनमेंट स्थित खास महाल की सरकारी भूमि पर हो रहे अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और ड्यूटी पर तैनात अंचल अधिकारी के साथ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
झासा के अनुसार, घटना के दिन ही संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने और आगे की कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया था। संघ का कहना है कि अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है। संघ ने इसे लेकर हजारीबाग के अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाया है।
झासा ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी कार्य के दौरान आवश्यक संरक्षण नहीं मिला तो संघ कार्य बहिष्कार और चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। संघ ने अपने पदाधिकारियों के सम्मान और मनोबल की रक्षा के लिए संस्थागत और कानूनी सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी जतायी है।

