
Jamshedpur : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड की नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मामला अब जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक पहुंच गया है। अस्पताल में हाल ही में नियुक्त किए गए दो हॉस्पिटल मैनेजरों की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
विभागीय निर्देश के बाद एमजीएम प्रबंधन ने दोनों मैनेजरों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। जांच निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए दोनों मैनेजरों को तत्काल प्रभाव से कार्य से अलग कर दिया गया है। साथ ही उनके वेतन भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है।
तीन डॉक्टरों की समिति करेगी नियुक्ति की जांच
स्वास्थ्य विभाग से मिले निर्देश के आधार पर गठित जांच समिति में डॉ. नारायण उरांव, डॉ. ईला झा और डॉ. एसपी गुप्ता को शामिल किया गया है। समिति दोनों हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और चयन प्रक्रिया में अपनाए गए मानकों की जांच करेगी।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि नियुक्त दोनों अभ्यर्थी निर्धारित शैक्षणिक और अन्य अर्हताओं को पूरा करते थे या नहीं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
156 चयनित अभ्यर्थियों में 150 पर अयोग्यता का सवाल
मामले की पृष्ठभूमि एनएचएम झारखंड के तहत अस्पताल प्रबंधक पदों पर राज्य स्तर पर हुई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी है। विभागीय उच्चस्तरीय जांच में कथित तौर पर अंतिम रूप से चयनित 156 अभ्यर्थियों में से 150 को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। जांच में केवल छह अभ्यर्थियों के योग्य पाए जाने की बात सामने आई थी।
इसी चयन प्रक्रिया के तहत एमजीएम अस्पताल में भी दो हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति हुई थी। अब गठित समिति यह जांच करेगी कि दोनों नियुक्त अभ्यर्थियों ने भर्ती के लिए निर्धारित सभी शर्तें पूरी की थीं या नहीं।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
मामले में नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ चयन के दौरान नियमों के पालन की भी पड़ताल की जाएगी। नियुक्ति में किसी तरह की अनियमितता या निर्धारित प्रक्रिया से हटकर निर्णय लिए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।
दोनों मैनेजरों को कार्य से अलग किए जाने और वेतन भुगतान रोकने के बाद एमजीएम अस्पताल के प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। फिलहाल सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही दोनों नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

