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Jharkhand DMFT Corruption: खनिज विकास योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, पूर्व मंत्री ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

by Reeta Rai Sagar
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Chaibasa (Jharkhand): झारखंड के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने बुधवार को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) योजना के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। चाईबासा स्थित अपने आवास कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में गागराई ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

गागराई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह महत्वाकांक्षी योजना खनिज क्षेत्रों के निवासियों के विकास और कल्याण के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, झारखंड में इसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है, जिससे इस योजना का मूल उद्देश्य ही खतरे में पड़ गया है।

ग्रामसभा की अनदेखी और कागजी योजनाएं : गागराई

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी के तहत क्रियान्वित होने वाली अधिकांश योजनाओं में ग्रामसभा की सहमति तक नहीं ली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अधिकतर विकास कार्य केवल कागजों पर ही सीमित रह गए हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। गागराई ने जलपाई योजना सहित कई अन्य परियोजनाओं का उल्लेख किया जो कथित तौर पर विवादों में घिरी हुई हैं।

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिन एजेंसियों को करोड़ों रुपये की परियोजनाएं सौंपी गई हैं, उनके पास न तो उचित बिलिंग प्रणाली है और न ही कोई इंजीनियरिंग सेल। इसके बावजूद, उन्हें महत्वपूर्ण कार्य सौंप दिए गए हैं, जो कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संवेदकों का शोषण और प्रशासनिक अपारदर्शिता

गागराई ने ठेकेदारों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कई संवेदकों को न तो अनुबंध पत्र दिए जा रहे हैं और न ही उन्हें उनके द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई संवेदक इस प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार के कारण आर्थिक रूप से परेशान हैं और शोषण का शिकार हो रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना “चढ़ावा” दिए कोई भी काम आगे नहीं बढ़ता है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पूरी तरह से संदिग्ध हो गई है। उन्होंने निविदाओं की सूचना स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित न किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने एक गुजरात की कंपनी को महत्वपूर्ण कार्य सौंपने को स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय बताया और इस निर्णय पर भी सवाल खड़े किए।

आंदोलन की चेतावनी, न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

गागराई ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस गंभीर मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही इस भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो भाजपा इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

बड़कुंवर गागराई के इन गंभीर आरोपों ने पश्चिम सिंहभूम के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं। स्थानीय लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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