गुमला : झारखंड के गुमला जिले के भरनो प्रखंड में स्थित तुरिअम्बा पंचायत के परसा गांव में शनिवार को आयोजित ग्राम सभा के दौरान विवाद उत्पन्न हो गया। समेकित जनजातीय विकास अभिकरण की ओर से अल्पसंख्यक कब्रिस्तान घेराबंदी को लेकर आयोजित बैठक में हंगामा हो गया। ग्राम सभा में लाभुक समिति का चयन होना था, लेकिन जैसे ही विवाद बढ़ने लगा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अरुण कुमार सिंह ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश की।
बीडीओ के घेराव के बाद स्थिति हुई तनावपूर्ण
मामला और बढ़ते हुए बीडीओ को घेर लिया गया। जब उन्होंने देखा कि विवाद उग्र रूप ले रहा है और स्थिति तनावपूर्ण हो रही है, तो वह गांव से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें जाने नहीं दिया और कहा कि ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वह जा सकते हैं। इसके बाद, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर थाना प्रभारी कंचन प्रजापति पहुंचे। उनकी सूझबूझ और वार्ता से माहौल शांत हुआ और ग्राम सभा संपन्न हो सकी।
ग्राम सभा की समाप्ति और समिति का गठन
ग्राम सभा के दौरान, परसा मंगरा उरांव की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से लाभुक समिति के लिए नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। मीर तबरेज को अध्यक्ष, मीर आबिद को सचिव और जमाल फरास को कोषाध्यक्ष के रूप में चुना गया।
पूर्व विवाद और पुनः ग्राम सभा की मांग
इससे पहले दो महीने पहले भी परसा गांव में इसी मुद्दे पर ग्राम सभा हुई थी। उस समय ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि बिना सूचना के ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस मामले को लेकर परसा अंजुमन कमेटी और ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त से शिकायत की थी और ग्राम सभा को पुनः आयोजित करने की मांग की थी।
ग्राम सभा में पंचायत सचिव सरफराज अहमद, रोजगार सेवक शिवदेव लोहरा, स्वयंसेवक अब्दुल्ला बक्श, सदर मीर अनवर, मीर गुलजार, मीर दुबराज, विनय उरांव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

