Home » ED RAIDS : गोरखपुर में SP नेता एवं पूर्व विधायक के ठिकानों पर ED की रेड, बैंकों के 754 करोड़ हड़पने का मामला

ED RAIDS : गोरखपुर में SP नेता एवं पूर्व विधायक के ठिकानों पर ED की रेड, बैंकों के 754 करोड़ हड़पने का मामला

ईडी ने सोमवार की सुबह गोरखपुर, लखनऊ, नोएडा, मुंबई और दिल्ली के 11 ठिकानों पर छापे मारे। यह छापेमारी पिछले साल की कार्रवाई से जुड़ी है।

by Rakesh Pandey
ED -raid- gorakhpur
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

गोरखपुर: जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार की सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिससे शहर के व्यापारिक घरानों और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं में हड़कंप मच गया। यह छापेमारी सपा के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता विनय शंकर तिवारी के ठिकानों पर की गई। यह कार्रवाई एक बड़े बैंक घोटाले से जुड़ी है, जिसमें करीब 754 करोड़ रुपये की राशि हड़पने का आरोप विनय शंकर तिवारी और उनकी कंपनी पर है।

विनय शंकर तिवारी के पिता, हरिशंकर तिवारी, पूर्वांचल में एक ताकतवर नाम थे और उनका एक लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। गोरखपुर में गैंगवॉर की शुरुआत भी हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही के टकराव से हुई थी। उस समय गोरखपुर को “शिकागो” के रूप में जाना जाता था और यह विवाद इतना बढ़ा कि BBC तक ने गोरखपुर को शिकागो जैसा बताया था। लेकिन अब मामला एक आर्थिक अपराध से जुड़ा हुआ है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

754 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी

प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार की सुबह गोरखपुर, लखनऊ, नोएडा, मुंबई और दिल्ली के 11 ठिकानों पर छापे मारे। इन छापेमारी में सपा नेता विनय शंकर तिवारी की कंपनी, गंगोत्री इंटरप्राइजेज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि कंपनी और इसके अधिकारियों ने विभिन्न बैंकों से मिलकर करीब 754 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की और यह राशि हड़प ली।

यह छापेमारी पिछले साल की कार्रवाई से जुड़ी है, जब ED ने गंगोत्री इंटरप्राइजेज की 30.86 करोड़ रुपये की 12 संपत्तियों को अटैच किया था। इन संपत्तियों में गोरखपुर, लखनऊ और नोएडा की संपत्तियां शामिल थीं। अब ED ने इस मामले की और गहराई से जांच करते हुए मुख्य आरोपी रीता तिवारी और अन्य रिश्तेदारों की संपत्तियों को भी जब्त किया है।

मुख्य आरोपी और जब्त की गई संपत्तियां

ED ने इस मामले में मुख्य आरोपी रीता तिवारी, जो कि विनय शंकर तिवारी की पत्नी हैं और अजीत पांडेय समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा, गंगोत्री इंटरप्राइजेज के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, गारंटर्स और रॉयल एम्पायर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और कंदर्प कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।

इस पूरे मामले में ED ने कई संपत्तियां और बैंक खाते जब्त किए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति शामिल है। इन संपत्तियों का संबंध गोरखपुर, लखनऊ, नोएडा और दिल्ली में स्थित विभिन्न परियोजनाओं से है।

सपा नेता के खिलाफ गंभीर आरोप

विनय शंकर तिवारी के खिलाफ यह मामला गोरखपुर और आसपास के क्षेत्र में एक गंभीर आरोप के रूप में सामने आया है। उनकी कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी और उसके बाद ED द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक और व्यापारिक हलकों में हलचल मचा दी है। सपा नेता पर यह आरोप है कि उन्होंने और उनके परिवार ने बैंक ऋणों का दुरुपयोग किया और करोड़ों रुपये हड़प लिए।

ED की यह कार्रवाई सपा के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है, क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता के परिवार के खिलाफ इस तरह की गंभीर कानूनी कार्रवाई हो रही है। इसके साथ ही, यह मामले राज्य और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक गहमागहमी का कारण भी बन सकते हैं।

Read Also- KRISHNA ALLAVARU MET LALU YADAV : आखिरकार लालू यादव से मिले बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, दिल्ली से लौटकर पटना में क्या बोले?

Related Articles