Home » आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलने पर कैंसर पीड़ित बुजुर्ग ने की आत्महत्या

आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलने पर कैंसर पीड़ित बुजुर्ग ने की आत्महत्या

KMIO के प्रभारी निदेशक ने बताया कि सीनियर सिटीजन वाली स्कीम (AB PM-JAY) अभी लागू नहीं हुई है और इस संबंध में फिलहाल आदेश आना बाकी है।

by Reeta Rai Sagar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

बेंगलुरु। गैस्ट्रिक कैंसर से पीड़ित एक 72 साल के मरीज की आत्महत्या की खबर है, क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री के आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल पाया। बेंगलुरु के रहने वाले कर्नाटक सरकार के एक रिटायर्ड कर्मचारी को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का लाभ देने से मना कर दिया गया था। कैंसर डायग्नोस होने के 15 दिन बाद 25 दिसंबर के दिन उनकी मृत्यु हो गई।

पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि कैंसर का पता चलने के बाद से वो तनाव में थे, लेकिन तब उन्हें और बड़ा झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि अस्पताल ने आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये का कवर देने से मना कर दिया। इसके लिए उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था।

KMIO ने आयुष्मान योजना का लाभ देने से किया था इंकार
आगे उन्होंने बताया कि हमने आयुष्मान योजना के तहत सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाया था। जिसके तहत पीड़ित को सालाना 5 लाख रुपये का कवर दिया जाता है। लेकिन किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (KMIO) ने इसके लिए इंकार कर दिया। अस्पताल की ओर से यह कह कर इंकार कर दिया गया कि अब तक राज्य सरकार के आदेश नहीं आए हैं। हालांकि अस्पताल की ओर से पीड़ित को 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी।

सीनियर सिटीजन वाली स्कीम अभी लागू नहीं
KMIO के प्रभारी निदेशक डॉ. रवि अर्जुनन ने बताया कि सीनियर सिटीजन वाली स्कीम (AB PM-JAY) अब लागू नहीं हुई है और इस संबंध में फिलहाल आदेश आना बाकी है। कर्नाटक सरकार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसने अभी तक इस योजना को लागू नहीं किया है। सरकार ने इसके फंडिंग से जुड़े पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। बता दें कि इस योजना के तहत 70 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को 5 लाख रुपये का मुफ्त बीमा कवरेज दिया जाता है।

आयुष्मान योजना का लाभ न मिलने से तनाव में चल रहे थे

पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शुरुआती स्कैन पर ही 20 हजार रुपये खर्च हो गए और इलाज के लिए आगे कीमो सेशन सजेस्ट की गई। हमने KMIO में ही शुरुआती दो स्टेज की कीमोथेरेपी कराने की प्लानिंग की थी और हम पेमेंट करने के लिए भी तैयार थे। लेकिन फिर उन्होंने दो दिनों में ही आत्महत्या कर ली। आगे बताया गया कि वो सीधे तौर पर ये नहीं कह रहे हैं कि आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलने से जुड़ा है, लेकिन इस बात की जानकारी उनको थी, जिसके चलते वो तनाव में चल रहे थे।

Related Articles