सेंट्रल डेस्क : कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी 17-18 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। अमीर के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा, जिसमें कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी शामिल होंगे। 18 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

कतर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत का सबसे बड़ा एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) आपूर्तिकर्ता है। वित्त वर्ष 2022-23 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। हाल ही में कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कतर की प्रतिबद्धता जताई थी।
कतर में हैं 8 लाख प्रवासी भारतीय
भारत और कतर के बीच मजबूत रिश्ते हैं, खासकर भारतीय प्रवासियों के कारण। कतर में लगभग 8 लाख भारतीय नागरिक रहकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, शिक्षा, वित्त और श्रमिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई बार कर चुके हैं कतर का दौरा
भारत और कतर के रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई बार कतर का दौरा कर चुके हैं। पिछले महीने उन्होंने कतर की यात्रा की थी और वहां अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की भारत यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया था। इससे पहले, फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने शेख अल थानी से मुलाकात की थी और उन्हें भारत आने का न्यौता दिया था।

