सेंट्रल डेस्क: प्रसिद्ध मलयालम लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता एम टी वासुदेवन नायर का बुधवार को 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पिछले दिनों गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे ह्रदय रोग समेत कई बीमारियों से पीड़ित थे। हाल ही में केरल सरकार की ओर से उन्हें साहित्य और फिल्म क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया था।

केरल में आधिकारिक शोक की घोषणा
केरल सरकार ने मलयालम लेखक एमटी वासुदेवन नायर के निधन पर 26 और 27 दिसंबर को आधिकारिक शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सम्मान के तौर पर 26 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक सहित सभी सरकारी कार्यक्रमों को स्थगित करने के निर्देश दिए हैं।
1995 में मिला था ज्ञानपीठ पुरस्कार
एम टी वासुदेवन नायर को एम टी के नाम से भी जाना जाता था। वे आधुनिक मलयालम साहित्य के बहुमुखी लेखक, पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक के तौर पर बेहद प्रसिद्ध थे। उन्होंने सात फिल्मों का निर्देशन और लगभग 54 फिल्मों की पटकथा लिखी। मलयालम साहित्य में उनके समग्र योगदान के लिए उन्हें 1995 में भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार, ज्ञानपीठ से सम्मानित किया गया था।
प्रियंका गांधी ने एम.टी. के निधन पर शोक प्रकट किया
प्रियंका गांधी ने एम.टी. के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि श्री एमटी वासुदेवन नायर के निधन के साथ, हम उस प्रतिभा को अलविदा कह रहे हैं, जिसने साहित्य और सिनेमा को सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के शक्तिशाली माध्यमों में बदल दिया। उनकी कहानियों में मानवीय भावनाओं की गहराई और केरल की विरासत का सार समाहित है।

