रांची: राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर शुक्रवार को राज्य भर में डेंगू से बचाव को लेकर विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष का थीम शीघ्र कार्रवाई करें, डेंगू को रोकें, स्वस्थ परिवेश, स्वस्थ जीवन है। जिसका उद्देश्य लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना और स्वच्छता की आदतें विकसित करना है। इस दौरान बताया गया कि राज्य में वर्तमान में 14 सेंटिनल साइट्स कार्यरत हैं, जहां डेंगू व चिकनगुनिया की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। 2023 की तुलना में 2024 में डेंगू के मामलों में गिरावट आई है। 2023 में जहां 12.42% मरीज पाए गए थे, वहीं 2024 में यह घटकर 10.68% रह गया। पिछले वर्ष चार मौतें हुई थीं, लेकिन इस वर्ष कोई मौत दर्ज नहीं हुई है।
एडिस मच्छर से फैलता है डेंगू
डेंगू एडिस मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल रोग है, जो बरसात के मौसम में अधिक सक्रिय होता है। इसे रोकने के लिए टीकाकरण उपलब्ध नहीं है, इसलिए जन-सहभागिता और स्वच्छता ही प्रमुख बचाव हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में प्रभात फेरी, रैली, ग्राम गोष्ठी, क्विज व चित्रांकन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने लोगों को मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की जानकारी दी।
सदर में भी किया गया जागरूक
सदर में जागरूकता के दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए किसी प्रकार का टीका या दवा उपलब्ध नहीं है। डेंगू से बचाव हेतु जनजागरूकता और मच्छरों के प्रजनन स्थल को नष्ट करना आवश्यक है। जिले में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के विभिन्न गांवों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि 2025 में अभी तक कुल 491 डेंगू के संभावित मरीजों की जांच की गई, जिसमें 14 डेंगू, 12 को-इन्फेक्शन और 5 चिकनगुनिया के रोगी पाये गये हैं, सभी स्वस्थ हो चुके हैं।

