रांची : हेमंत सोरेन सरकार के नए मंत्रिमंडल में मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि एवं सहकारिता विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। मंत्री बनने के बाद शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड की कृषि मंडियों को मॉडल कृषि मंडी के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने व्यापारियों के समन्वय से कार्य को गति देने की बात कही और कृषि क्षेत्र के सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने का वादा किया।
चैंबर के प्रतिनिधियों से हुई सकारात्मक वार्ता
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से झारखंड चैंबर के प्रतिनिधियों ने औपचारिक मुलाकात की, जिसमें राज्य के किसानों और व्यापारियों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। चैंबर की ओर से मंत्री से राज्य की कृषि मंडियों को मजबूत करने और व्यापारियों एवं किसानों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने बाजार समितियों में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बाजार समितियों के रिकंस्ट्रक्शन और ओपन वेयरहाउस की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में उत्पादित कृषि उत्पादों के निर्यात के रास्ते खोलने से किसानों को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का कृषि मंडियों के सुधार पर फोकस
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस दौरान चैंबर के प्रतिनिधियों से कहा कि वह कृषि मंडियों के सुधार में व्यापारियों और कृषकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। उन्होंने मंडी में व्याप्त समस्याओं का समाधान निकालने और कृषकों का उत्थान करने की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया।
यह सकारात्मक संवाद राज्य में कृषि सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। राज्य सरकार के कृषि मंत्री के तौर पर शिल्पी नेहा तिर्की की भूमिका पर राज्य के किसानों और व्यापारियों की नजरें हैं, और उन्हें इस बदलाव से नई उम्मीदें हैं।

